जयपुर

‘हां मैं नमूना हूं, लेकिन कांग्रेस की तरह भ्रष्टाचार का नहीं’, मदन दिलावर का डोटासरा को करारा जवाब; जानें मामला

Rajasthan Politics: शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने गोंविद सिंह डोटासरा को करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि हां मैं नमूना हूं, लेकिन कांग्रेस की तरह भ्रष्टाचार का नमूना नहीं हूं।
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Updated: 5 Oct 2024, 6:56 PM IST
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Rajasthan Politics: कई दिनों की शांति के बाद राजस्थान की राजनीति में आज फिर से बयानों के तीर चले हैं। इस बार शिक्षा तथा पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने पीसीसी चीफ गोंविद सिंह डोटासरा को करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि हां मैं नमूना हूं, लेकिन कांग्रेस की तरह भ्रष्टाचार का नमूना नहीं हूं। बड़ी राशि लेकर पेपर आउट करवाएं, आतंकवादियों को सम्मान के नाम से बुलाएं। ऐसे नमूने हम नहीं बनेंगे। हम मिसाल पेश करने वाले नमूने बनेंगे।

मदन दिलावर ने आगे कहा कि जहां कांग्रेस ने राज्य में शिक्षा का बंटाधार किया, वहीं उसके प्रदेश अध्यक्ष अपनी जुबान से बंटाधार कर रहे हैं। बिना बिल्डिंग के स्कूलें खोल दिया गया। पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के बावजूद भी स्कूलें खोल देने से विद्यार्थियों को नुकसान हुआ। बता दें, गोविंद सिंह डोटासरा ने मदन दिलावर को नमूना बताते हुए कहा था कि मुख्यमंत्री से मैं कहना चाहता हूं कि इनकी एस्कॉर्ट बढ़ा दीजिए, नहीं तो कोई दुर्घटना न घट जाए।

स्वच्छता के क्षेत्र में कर रहे हैं काम- दिलावर

जिला परिषद में सभागार में आयोजित बैठक के दौरान शिक्षा तथा पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि आने वाले दो वर्षों में प्रदेश को स्वच्छता के क्षेत्र में पहले पायदान पर लाएं, जिससे यह दूसरों के लिए मिसाल बन सके। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में स्वच्छ भारत मिशन का बेहतर उपयोग हो। ऐसी नालियां बनाईं जिनमें पानी का प्रवाह आसानी से हो और ग्रामीण क्षेत्र में गंदगी नहीं रहे। उन्होंने कहा कि कम राशि में अधिक से अधिक स्वच्छता के प्रयास किया जाए।

उन्होंने कहा कि स्वच्छता पर खर्च होने वाला पैसा परंपरागत रूप से सफाई का कार्य करने वालों को प्राथमिकता से मिले, यह प्रयास हो। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वच्छ भारत का सपना राजस्थान में सरकार हो, इसके लिए समन्वित तरीके से कार्य किया जाएगा।

मदन दिलावर ने दिए ये निर्देश

उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रशासनिक स्वीकृति के बाद तकनीकी और वित्तीय स्वीकृतियां अविलंब निकालने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में हर माह सरकारी अधिकारी, जनप्रतिनिधि और आमजन की सहभागिता से स्वच्छता अभियान चलाया जाए। इसी प्रकार विद्यालयों में भी प्रत्येक सप्ताह के अंतिम कार्य दिवस सातवीं से ऊपर की कक्षाओं में पढ़ने वालेबच्चन जनप्रतिनिधियों और स्टाफ सदस्यों के साथ सफाई की जाए।

गौरतलह है कि बैठक में महापौर सुशीला कंवर राजपुरोहित, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओम प्रकाश, नगर निगम आयुक्त मयंक मनीष सहित पंचायती राज और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

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5 Oct 2024, 6:56 PM IST
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