
Rajasthan Politics: जयपुर हेरिटेज नगर निगम में पट्टे की एवज में रिश्वत का प्रकरण आज फिर से चर्चा में हैं। निलंबित मेयर मुनेश गुर्जर ने एसीबी कोर्ट में जमानत याचिका लगाई है। बता दें जयपुर हेरिटेज नगर निगम की मेयर मुनेश गुर्जर को सरकार ने पिछले दिनों सस्पेंड कर दिया था। मुनेश गुर्जर को राज्य सरकार ने तीसरी बार सस्पेंड किया था।
दरअसल, कोर्ट में पत्रकारों से वार्ता के दौरान मुनेश गुर्जर बेहद गुस्से में नजर आई। उन्होंने कहा कि जयपुर की जनता ने प्रताप सिंह खाचरियावास को जवाब दिया है, विधानसभा में भी और लोकसभा में भी...मैं भी लोकसेवक हूं, वो भी लोकसेवक हैं। लोकसेवक को अपने आप जवाब देती है जनता। आगे भी उन्हें जनता ही जवाब देगी।
इस दौरान जमानत याचिका को लेकर मुनेश गुर्जर ने कहा कि प्रार्थियों से कोई भी राशि प्राप्त नहीं हुई, मुझे राजनीतिक दुर्भावना से फंसाया गया। उन्होंने बताया कि 19 सितंबर को चालान पेश हो चुका है, इसलिए जमानत याचिका स्वीकार की जाए। इस प्रकरण में जज सुरेन्द्र कुमार की अदालत में जमानत पर बहस हो रही है।
मालूम हो कि 19 सितंबर के दिन एसीबी ने पट्टे की एवज में रिश्वत प्रकरण को लेकर कोर्ट में अपना चालान पेश किया था। उस वक्त मुनेश गुर्जर के वकील दीपक चौहान ने उनके सेहत कारणों का हवाला देकर आगामी तारीख मांगी थी। इसके बाद कोर्ट ने दो सप्ताह बाद आज की तारीख दी थी, जिस पर आज सुनवाई जारी है।
वहीं, इस प्रकरण में शिकायतकर्ता सुधांशु के अधिवक्ता पूनम चंद भंडारी ने मुनेश गुर्जर की जमानत का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि मेयर इस षड्यंत्र में शामिल थी और मेयर के कहने पर ही दलाल घूस ले रहे थे। गौरतलब है कि 2 लाख रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में 4 अगस्त, 2023 को मेयर के पति सुशील गुर्जर, दलाल नारायण सिंह गुर्जर, अनिल कुमार दुबे को ACB ने गिरफ्तार किया था।
Updated on:
05 Oct 2024 02:46 pm
Published on:
05 Oct 2024 02:31 pm
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