जयपुर

Rajasthan News: मोदी ने भाषण रोक कैमरामैन को ऐसा क्यों बोला “प्लीज आप अपना कैमरा दूसरी तरफ ले जाइए”

जनसभा के दौरान दिए जा रहे अपने भाषण को रोका और कैमरामेन से अपना कैमरा दूसरी तरफ मोड़ने के लिए निवेदन किया। उन्होंने कैमरामेन से कहा... ।

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Dec 17, 2024

जयपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार को भजनलाल सरकार के एक वर्ष पूरे होने पर राजस्थान आए। जयपुर में आयोजित जनसभा के दौरान मोदी अपना भाषण दे रहे थे। इस दौरान वे एक बार कैमरामेन से असहज हो गए।
दरअसल, मंगलवार को भजनलाल सरकार के एक वर्ष पूरे होने पर दादिया में जनसभा का आयोजन किया गया। इस सभा में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा व मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी सम्बोधित किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कई योजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया।
जनसभा को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार की योजनाओं को बता रहे थे। जनसभा के दौरान कैमरा जैसे ही पब्लिक तरफ मुड़ता तो नारेबाजी शुरू हो जाती थी। ऐसा दो-तीन बार हुआ। एक बार जब कैमरा मुड़ा तो नारेबाजी से प्रधानमंत्री मोदी कुछ असहज महसूस हुए। उन्होंने जनसभा के दौरान दिए जा रहे अपने भाषण को रोका और कैमरामेन से अपना कैमरा दूसरी तरफ मोड़ने के लिए निवेदन किया। उन्होंने कैमरामेन से कहा कि ," जरा जो ये कैमरामेन हैं उनसे मेरा निवेदन है कि आप अपना कैमरा दूसरी तरफ मोडि़ए, प्लीज यहां लाखों लोग हैं उनकी तरफ ले जाइए ना। इसके बाद मोदी ने अपना भाषण लगातार दिया।

नर्मदा का पानी गुजरात के साथ राजस्थान को दिया

प्रधानमंत्री ने बताया कि मुझे याद हैं जब मैं गुजरात में मुख्यमंत्री था, तब वहां सरदार सरोवर बांध पूरा हुआ। मां नर्मदा का पानी गुजरात तक पहुंचाया। पानी पहुंचाने के लिए लगातार लगा रहा है। आलोचनाओं सहता रहा। नर्मदा का पानी राजस्थान को भी पानी मिले। इसके भी प्रयास किए। जैसे ही बांध का काम पूरा हुआ। एक साथ गुजरात व राजस्थान को पानी पहुंचाया।

भैरोसिंह की अंगुली पकड़कर हम कई लोग बड़े हुए

मोदी ने राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री भैरोसिंह शेखावत को भी याद किया। उन्होंने एक किस्सा सुनाते हुए कहा कि मुझे याद है कि जब नर्मदा का पानी राजस्थान में पहुंचा तब राजस्थान के जीवन में उमंग व उत्साह था।
इसके कुछ दिन बाद अचानक मुख्यमंत्री के कार्यालय में एक मैसेज आया। भैरोसिंह शेखावत व जसवंतसिंह जी गुजरात आए हैं। और मेरे से मिलना चाहते हैं। वे मेरे दफ्तर आए। मैंने पूछा कैसे आना हुआ। वे बोले कोई काम नहीं। आपसे मिलने आए हैं। मेरे वरिष्ठ नेता थे दोनों। मोदी ने आगे कहा, "भैरोसिंह की अंगुली पकड़कर हम कई लोग बड़े हुए हैं।" वे आकर मेरे सामने बैठे नहीं, बल्कि मेरा सम्मान करना चाहते थे। वे दोनोंं भावुक थे। राजस्थानवासियों की भावनाओं को प्रकट करने के लिए दफ्तर तक आ गए। पानी में कितना सार्मथ्य होता है इसका एक अनुभव था।

Updated on:
17 Dec 2024 03:39 pm
Published on:
17 Dec 2024 03:05 pm
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