
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे और उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन। फोटो: पत्रिका
जयपुर। कैंसर सर्वाइवर्स डे पर महाराणा प्रताप सभागार में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि पंजाब से गंग नहर के जरिए इंडस्ट्रीज का कैमिकलयुक्त पानी श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में आ रहा है, जो कैंसर का कारण हो सकता है। इसे लेकर पंजाब के राज्यपाल को पत्र भी लिखा है, साल-दो साल में इस पर कुछ काम होगा।
वहीं, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि कैंसर से लड़ने और जीत के लिए मस्तिष्क से मजबूत रहना जरूरी है। कैंसर से बचाव के लिए युवाओं से नशीले पदार्थों और तंबाकू आदि से दूर रहने के साथ व्यापक स्तर पर जन जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है। राजस्थान विश्वविद्यालय के 35 वें दीक्षांत समारोह में भी उपराष्ट्रपति ने हिस्सा लिया। उन्होंने छात्राओं के अधिक स्वर्ण पदक प्राप्त करने को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि बालिकाएं देश का भविष्य हैं। वे इस स्प्रिट को बनाए रखें।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि कैंसर से बचाव की दिशा में अर्ली डिटेक्शन सबसे अहम कड़ी है। इससे इलाज प्रभावी हो सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी इस दिशा में अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कैंसर उपचार के तहत कीमोथेरेपी जैसी कठिन उपचार विधि के स्थान पर नवीनतम चिकित्सा अनुसंधानों में टैबलेट के जरिए उपचार की पहल उत्साहजनक है। सर्वाइकल कैंसर इस समय देश में द्वितीय सबसे अधिक होने वाला कैंसर है। राजस्थान कैंसर से लड़कर उससे मुक्त होने वालों में अग्रणी है।
राज्यपाल बागडे ने कहा कि सरकार जिस तरह से टीबी मुक्त राजस्थान करने के लिए प्रयास कर रही है, उसी के साथ कैंसर मुक्त राजस्थान करने की जरूरत है। सरकार कैंसर के आंकड़े जारी करती है, सही आंकड़ों का तो पता नहीं, लेकिन 1 लाख मरीज पर करीब 100 मरीज कैंसर के हैं। ऐसे में जयपुर में 6 से 7 हजार के करीब इनकी संख्या होनी चाहिए।
चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि स्वास्थ्य का 35 हजार करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। उन्होंने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार ने पांच वर्षों में मेडिकल क्षेत्र में केवल 13 हजार नियुक्तियां की थीं, अब भाजपा सरकार ने 60 हजार नियुक्तियों की घोषणा की है, जिनमें से 25 हजार की नियुक्तियां की जा चुकी हैं।
Published on:
26 Apr 2026 08:57 am
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