
जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी (पत्रिका फोटो)
Minister Kanhaiyalal Chaudhary: जयपुर: जल जीवन मिशन के 20 हजार करोड़ के घोटाले में फंसे इंजीनियरों पर कार्रवाई को लेकर जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी का बयान सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति पर ही सवाल खड़े कर रहा है। मंत्री ने कहा कि सभी भ्रष्ट अफसरों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की तो विभाग ही खाली हो जाएगा।
बयान वायरल होते ही चर्चा छिड़ गई है कि क्या भ्रष्ट इंजीनियरों पर अब 'मेहरबानी मोड' शुरू हो गया है। पत्रिका ने सवाल किया तो मंत्री भी अपने बयान से पीछे हटते नजर नहीं आए।
सवाल: क्या भ्रष्ट अफसरों पर कार्रवाई से विभाग खाली हो जाएगा?
मंत्रीः हम भ्रष्ट इंजीनियरों पर लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। अब स्थिति बहुत नाजुक हो गई है और छोटी-छोटी गलतियों पर इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे तो पूरा विभाग ही खाली हो जाएगा।
सवाल: तो क्या अब कार्रवाई नहीं होगी?
मंत्रीः आप देख लीजिए कि वर्तमान में कितने इंजीनियर विभाग में बचे हैं। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे ही हम कार्रवाई कर रहे हैं।
20 हजार करोड़ का जल जीवन मिशन घोटाला…फर्जी टेंडर, नकली प्रमाण पत्र और बिना काम भुगतान। नलों में पानी नहीं और लूट का काला धन बहा।
मंत्री से सचिव तक, इंजीनियर से अफसर तक…सब ऊपर की कमाई पर पलते रहे और अब जब पकड़ में आ रहे हैं तो जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी कह रहे हैं, सब पर कार्रवाई की तो विभाग खाली हो जाएगा!
यह साफगोई नहीं, यह भ्रष्टाचार को संरक्षण देने की खुली घोषणा है। मान लिया गया है कि पूरा तंत्र सड़ा हुआ है, फिर भी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं…यह कायरता नहीं तो और क्या है?
सवाल यह है, क्या भ्रष्टाचारी इंजीनियर ही इस देश में पानी दे सकते हैं? क्या ईमानदार अधिकारी पैदा होने बंद हो गए? सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति सिर्फ चुनावी जुमला बनकर रह गई?
मंत्री जी, शपथ याद करें। संविधान की सौगंध ली थी…जनता की सेवा की, भ्रष्ट तंत्र की रक्षा की नहीं। अगर आप में साहस नहीं, तो कैबिनेट आगे आए, मुख्यमंत्री हस्तक्षेप करें, मुख्य सचिव मोर्चा संभाले। यह व्यवस्था बदलनी ही होगी चाहे विभाग खाली क्यों न हो जाए।
Updated on:
26 Apr 2026 07:50 am
Published on:
26 Apr 2026 07:50 am
