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भजनलाल सरकार के सभी मंत्री करोड़पति, बाबूलाल खराड़ी सबसे गरीब, जानिए कौन है सबसे अमीर?

संपत्ति का वार्षिक खुलासा अनिवार्य होने के बावजूद कई मंत्री 31 अगस्त की तय समय सीमा तक अपनी संपत्ति का विवरण नहीं दे रहे हैं। जहां अधिकारियों पर सख्ती दिखाई जाती है, वहीं मंत्रियों को मिली ढील से पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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जयपुर

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Arvind Rao

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अरविन्द शक्तावत

Apr 24, 2026

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अफसरों पर सख्ती, मंत्रियों को छूट? संपत्ति खुलासे के नियमों में बड़ा अंतर (फोटो-एआई)

जयपुर: केंद्र सरकार वर्ष 2010 में संपत्ति सार्वजनिक करने का नियम बना चुकी है। इसके तहत केंद्र और राज्य के मंत्रियों को प्रतिवर्ष 31 अगस्त तक अपनी चल और अचल संपत्तियों की जानकारी देनी होती है।

प्रदेश में भाजपा सरकार बने हुए करीब ढाई साल होने जा रहे हैं। लेकिन सरकार के किसी भी मंत्री ने एक बार भी संपत्ति का ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया है।

अफसरों के लिए सख्त नियम

प्रदेश में वर्ष 2021 में कांग्रेस सरकार ने सेवा नियम संशोधित कर राजपत्रित अधिकारियों के लिए हर साल अचल संपत्ति का विवरण देना अनिवार्य किया। तय समय पर जानकारी न देने पर वेतन वृद्धि और पदोन्नति रुकती है।

केंद्र स्तर पर जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 75 (अ) के तहत सांसदों को भी संपत्ति और देनदारियों का वार्षिक ब्योरा देना होता है। 2014 में पीएम मोदी ने मंत्रियों के लिए 31 अगस्त की समय सीमा तय की।

मंत्री बोले…नियमों को दिखवाता हूं

चुनावों में जाने से पहले हमको संपत्ति सार्वजनिक करनी होती है। हम 2023 में चुनाव के समय अपनी संपत्ति सार्वजनिक कर चुके हैं। हर साल के नियमों को मैं दिखवाता हूं। -जोगाराम पटेल, संसदीय कार्य मंत्री

कांग्रेस सरकार में एक बार हुई संपत्ति सार्वजनिक

एक बार अशोक गहलोत सरकार के कार्यकाल में 2008 से 2013 तक हर साल मंत्रियों की संपत्ति सामान्य प्रशासन विभाग की वेबसाइट पर डाली जाती थी। 2013 से लेकर अब तक दो सरकारों के कार्यकाल पूरे हो चुके हैं और यह तीसरी सरकार है, जिसमें मंत्रियों की संपत्ति सार्वजनिक नहीं हुई है। वर्ष 2013 में राजस्थान में भाजपा की सरकार बनी थी और फिर 2018 में कांग्रेस की सरकार लौटी। इन दोनों कार्यकाल में संपत्ति सार्वजनिक नहीं हुई।

भाजपा सरकार के सभी मंत्री करोड़पति

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में सीएम भजनलाल शर्मा समेत सरकार के सभी मंत्री करोड़पति हैं। इनकी औसत संपत्ति करीब 7 करोड़ रुपए है। यह रिपोर्ट सरकार में शपथ ग्रहण करने वाले 25 मंत्रियों की विधानसभा चुनाव 2023 में नामांकन भरने के दौरान दिए गए एफिडेविट के आधार पर तैयार की गई थी।

सीएम, मंत्रियों ने 2023 में दी जानकारी

प्रदेश सरकार में सीएम सहित कुल 24 मंत्री हैं। सभी ने अपनी संपत्ति, लेनदारी-देनदारी के बारे में 2023 में विधानसभा चुनाव के वक्त दिए गए एफिडेविट में ही सार्वजनिक की थी।

सबसे अमीर मंत्री

मंत्रियों में सबसे ज्यादा संपत्ति चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के पास 29.07 करोड़ रुपए है। सबसे कम संपत्ति जनजाति मंत्री बाबूलाल खराड़ी के पास 1.24 करोड़ रुपए है।

सीएस और अधिकारी कर चुके घोषणा

राज्य सरकार ने संपत्ति सार्वजनिक करने के लिए अधिकारियों पर लागू नियम सख्त कर रखे हैं। हाल ही में मुख्य सचिव सहित सभी आईएएस-आईपीएस अपनी संपत्ति सार्वजनिक कर चुके हैं।