जयपुर

एनएचएआइ ने वसुंधरा राजे सरकार को दिया झटका, चुनाव से पहले नहीं होगा रिंग रोड का उद्घाटन, क्यों ​जानिए

— राज्य सरकार ने 8 अक्टूबर 2018 तक रिंग रोड के 23 किलोमीटर हिस्से का काम पूरा करने को कहा था— अब तक 23 में से 13 किलोमीटर रोड ही बनी, इसलिए एनएचएआइ ने किया लोकार्पण से इनकार

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Sep 29, 2018
ring road

जयपुर। विधानसभा चुनाव से पहले रिंग रोड प्रोजेक्ट का फीता काटने का सपना देख रही राज्य सरकार को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने झटका दिया है। रिंग रोड प्रोजेक्ट का निविजुअलर्माण कर रही एनएचएआइ ने जयपुर विकास प्राधिकरण को साफ तौर पर मना कर दिया है कि मौजूदा स्थिति में रिंग रोड के किसी भी हिस्से का उद्घाटन करना संभव नहीं है।

जानकारी के अनुसार जेडीए ने टोंक रोड से अजमेर रोड के बीच के 23 किलोमीटर हिस्से का उद्घाटन 8 अक्टूबर 2018 को करवाने का प्रस्ताव नेशनल हाइवे अथॉरिटी को दिया था। जिसे एनएचएआइ ने ठुकरा दिया है। एनएचएआइ की तरफ से कहा गया है कि राज्य सरकार टोंक रोड से अजमेर रोड के बीच के जिस 23 किलोमीटर हिस्से का उद्घाटन करना चाहती है उसमें अब तक 13 किलोमीटर लम्बाई में ही सीमेंटेड ट्रेफिक कॉरिडोर का निर्माण हो पाया है। बाकी का 10 किलोमीटर हिस्सा अभी बाकी है, जिसे 8 अक्टूबर तक पूरा करना संभव नहीं है। जहां 13 किलोमीटर लम्बाई में ट्रेफिक कॉरिडोर का निर्माण हुआ है उसमें भी काम बाकी है, मौजूदा स्थिति में रिंग रोड को यातायात के लिए नहीं खोला जा सकता है। रिंग रोड पर यातायात शुरू करने की इजाजत नहीं दी जा सकती है।

नेवटा बांध की मंजूरी में देरी को बताया कारण
नेशनल हाइवे अथॉरिटी ने अक्टूबर 2018 के पहले सप्ताह तक रिंग रोड का काम पूरा होने में देरी के लिए नेवटा बांध में निर्माण कार्य की अनुमति देने में हुई देरी को जिम्मेदार ठहराया है। एनएचएआइ अधिकारियों का कहना है कि नेवटा बांध में निर्माण कार्य शुरू करने की मंजूरी देने में जेडीए और सिंचाई विभाग ने 3 महीने की देरी की। इसके कारण यहां पर काम देर से शुरू हो पाया। साथ ही नेवटा बांध क्षेत्र में बनने वाले पुल की चौड़ाई भी 50 मीटर से बढ़ाकर 150 मीटर कर दी थी। इसके कारण भी रिंग रोड निर्माण कार्य बाधित हुआ। टोंक रोड से अजमेर रोड के बीच आधा दर्जन से ज्यादा पुल बनने हैं, इनमें से ज्यादातर का निर्माण कार्य बाकी है।

मंत्री के साथ बैठक में कर दिया था इनकार, जेडीए बोलता रहा झूठ
विधानसभा चुनाव आचार संहिता से पहले रिंग रोड का उद्घाटन करने को लेकर नगरीय विकास मंत्री श्रीचंद कृपलानी के साथ हुई बैठक में एनएचएआइ अधिकारियों ने अक्टूबर के पहले सप्ताह तक काम पूरा होने की संभावना से इनकार कर दिया था। एनएचएआइ टीम ने स्पष्ट कर दिया था कि अक्टूबर के पहले सप्ताह तक किसी भी सूरत में रिंग रोड के आगरा रोड से टोंक रोड और टोंक रोड से अजमेर रोड वाले हिस्से में से किसी का भी काम पूरा नहीं हो पाएगा। जेडीए के दवाब में एनएचएआइ ने एकबारगी तेजी से काम करने की कोशिश की। लेकिन मई—जून और जुलाई में भीषण गर्मी के कारण सीमेंटेड कॉरिडोर का सिर्फ रात में ही हो पाता था। बाद में मॉनसूनी बरसात के कारण काम बाधित रहा। इसके चलते एनएचएआइ ने उद्घाटन करवाने से इनकार कर दिया है। अक्टूबर के पहले सप्ताह तक रिंग रोड के किसी भी हिस्से का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाएगा, ये जानते हुए भी जेडीए अधिकारी लगातार झूठ बोलते रहे और आचार संहिता से पहले उद्घाटन करने का दावा करते रहे। अब सीएमओ लगातार जेडीए से रिंग रोड के उद्घाटन कार्यक्रम तय करने के लिए जेडीए अधिकारियों से पूछ रहा है। इससे जेडीए प्रशासन की टेंशन बढ़ रही है।
क्या कहते हैं एनएचएआइ अधिकारी—
रिंग रोड के टोंक रोड से अजमेर रोड के हिस्से का बहुत सारा काम बाकी है। ऐसे में 8 अक्टूबर तक रिंग रोड का उद्घाटन करना संभव नहीं है। एनएचएआइ ने जेडीए को बता दिया है कि मौजूदा स्थिति में रिंग रोड का उद्घाटन नहीं होगा और इसे यातायात के लिए नहीं खोला जाएगा।
अजय विश्नोई, प्रोजेक्ट डायरेक्टर रिंग रोड, एनएचएआइ

Published on:
29 Sept 2018 09:15 am
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