
जयपुर. जम्मू कश्मीर में आतंककारी अब अपनी जान की खैर मांगने लगे हैं। एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें आतंकी तारिक शमीम कुछ लोगों को सम्बोधित कर रहा है और कह रहा है कि हम मारे जा रहे हैं...हमारी गलती क्या है...हम यदि गलत कर रहे हैं तो छोड़ देते हैं ये काम...साथ ही आतंकी भभकी भी है, जिसमें वह 'कौम' के लोगों से कह रहा है कि सेना की सख्ती के साथ मुखबिरी भी भारी पड़ रही है।
दरअसल, रमजान के महीने में सेना की ओर से घोषित एकतरफा युद्ध विराम के दौरान गदर मचाने वाले आतंकियों और उनके समर्थन में आए पत्थरबाजों पर जब से सेना दुबारा सख्ती पर उतरी है, आतंकियों की जान पर बन आई है। दो दिन पहले ही सेना ने हिज्बुल मुजाहिद्दीन के पांच आतंककारियों को मार गिराया। इनके जनाजे में बड़ी संख्या में लोग तो शामिल हुए ही, आतंकी शमीम भी नजर आया। इसी दौरान उसका वीडियो शूट हुआ और इसे सोशल मीडिया पर किसी ने वायरल कर दिया। पहली बार आतंकी मजबूर दिखाई दे रहा है और दया की भीख मांग रहा है। हालांकि दया की उसकी यह भीख कौम से है, वह लोगों से अपील कर रहा है कि आतंकियों के बारे में सुरक्षा बलों को कोई जानकारी नहीं दे...मुखबिरी न करें... लेकिन यह वीडियो बताता है कि सेना की सख्ती के कारण आतंकी टूट रहे हैं...हालांकि आतंकी नई भर्तियों में भी लगे हैं, लेकिन उन्हें ज्यादा सफलता नहीं मिल रही।
ताकि कायम रहे दहशतगर्दी
एक तरफ आतंकी रहम की भीख मांग रहे हैं और दूसरी ओर सॉफ्ट टारगेट ढूंढे जाने लगे हैं। आतंकी अब किसी अकेले आदमी को निशाना बना रहे हैं या लोगों के घरों में घुसकर उन्हें धमका रहे हैं...उनकी कोशिश है कि लगातार सफाए के बावजूद दहशतगर्दी किसी न किसी तरह कायम रहे। कारण कि बड़े आतंकियों के सफाए के आतंकी बड़े टारगेट पर काम नहीं कर पा रहे हैं...पिछले एक डेढ महीने की आतंकी घटनाओं से तो यही परिलक्षित हो रहा है। साथ ही आतंकियों में भय भी देखा जा सकता है।
सौ से ज्यादा का सफाया
सुरक्षाबलों के ऑपरेशन ऑलआउट में अब तक 110 से ज्यादा आतंकी जम्मू कश्मीर में मारे जा चुके हैं। सरकार की ओर से राज्यसभा में पेश जवाब के अनुसार गत 8 जुलाई तक घाटी में 256 आतंकी हमले हुए। सुरक्षाबलों के 43 जवान शहीद हुए और 16 नागरिक भी आतंकी हमलों में मारे गए। गृह राज्यमंत्री हंसराज अहीर ने राज्यसभा में बताया कि पिछले साल 342 आतंकी हमले हुए थे, जिसमें 213 आतंकियों को सुरक्षाबलों ने ढेर किया था और 80 से ज्यादा जवान शहीद हुए।