
Jaipur News: जयपुर। जौहरी बाजार में जामा मस्जिद की सीढ़ियों पर पाकिस्तान और आतंकवाद मुर्दाबाद के पोस्टर लगाए जाने के बाद शुक्रवार देर रात हुए तनाव के हालात शनिवार को दिन भर नियंत्रण में रहे। लेकिन शाम को मस्जिद के बाहर करीब 6 बजे नारे लगा रही भीड़ अचानक बेकाबू हो गई। थोड़ी ही देर में जौहरी बाजार में भगदड़ मच गई। हालांकि, पुलिस ने हल्का बल प्रयोग पर स्थिति पर नियंत्रण पा लिया।
भगदड़ के दौरान महिलाएं और बच्चे दहशत में आ गए। कुछ महिलाएं अपने बच्चों को बचाते हुए आस-पास सुरक्षित स्थान तलाशने के लिए परेशान होती भी दिखीं। खरीदारी करने आईं महिलाएं और ग्राहक खुद को बचाने के लिए दुकानों में छिप गए। थोड़ी ही देर में घटनाक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लग गए। इसके बाद शहर में कर्फ्यू की अफवाह भी चलती रही। घटनाक्रम के अनुसार मस्जिद के बाहर एकत्र भीड़ हवामहल विधायक बालमुकंदाचार्य को गिरफ्तार करने की मांग करते हुए नारे लगा रही थी।
पुलिस कमिश्नर बीजू जार्ज जोसफ ने कहा कि शांति व्यवस्था को बिगाड़ने नहीं दिया जाएगा। इसके लिए जो कोई हिमाकत करेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। भीड़ देखकर पुलिस ने समझाइश कर रोका है। समाज के लोगों से विरोध-प्रदर्शन ना करने की अपील की गई। इसके बाद भी कुछ लोग जामा मस्जिद और माणक चौक पर एकत्रित हुए और रोड जाम करने की कोशिश की। ऐसे में हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। साथ ही लोगों से समझाइश कर वापस अपने-अपने घर पर भेजा।
नारे लगा रहे लोगों को पुलिस ने वहां से हटने को कहा लेकिन कुछ लोग नहीं माने तो पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर उनको खदेड़ दिया। एहतियात के तौर पर बड़ी संख्या में रामगंज, जौहरी बाजार सहित अन्य इलाकों में अतिरिक्त जाप्ता तैनात किया गया। पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ मौके पर पहुंचे और माणक चौक थाने पहुंचकर कानून व्यवस्था के संबंध में निर्देश दिए।
नारे लगाते हुई आ रही भीड़ को देखकर लोगों में अफरा-तफरी मच गई। बाजार में खरीदारी करने आए ग्राहक गलियों में भागकर छिप गए। जयपुर सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी के अध्यक्ष कैलाश मित्तल ने कहा कि पुलिस प्रशासन ने भीड़ को काबू करने के लिए पहले से कोई इंतजाम नहीं किए। बाद में पुलिस ने कहने पर लाठीचार्ज कर लोगों को खदेड़ा।
पूरे मामले में शनिवार को एक प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ से मुलाकात की। विधायक अमीन कागजी और रफीक खान ने कहा कि आतंकी घटना से सब दुखी हैं। आल पार्टी मीटिंग में सबने सरकार का साथ देने की बात कही थी। फिर यह कैसी राजनीति है। बालमुकुंदाचार्य पूरे शहर का माहौल खराब करना चाहते हैं। बार-बार कानून तोड़ा जा रहा हैं। बालमुकुंदाचार्य पर फिर भी कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस प्रशासन ने दो दिन का समय मांगा है अगर हमारी मांगें नहीं मानी गई तो आंदोलन होगा।