जयपुर

शहीद की तस्वीर सीने से लगाकर सुबक रही वीरांगना, परिवार का भी रो-रो कर बुरा हाल

मनोहरपुर ग्राम हनुतपुरा की डूंगरी की ढाणी निवासी शहीद बाबूलाल के निवास स्थान पर जहां एक और श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा हुआ है। हादसे के बाद वीरांगना कमलेश देवी चौधरी की नजर पति की तस्वीर से नहीं हट रही है।
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Updated: 9 Aug 2023, 3:14 PM IST
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शहीद की तस्वीर सीने से लगाकर सुबक रही वीरांगना

मनोहरपुर. ग्राम हनुतपुरा की डूंगरी की ढाणी निवासी शहीद बाबूलाल के निवास स्थान पर जहां एक और श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा हुआ है। हादसे के बाद वीरांगना कमलेश देवी चौधरी की नजर पति की तस्वीर से नहीं हट रही है। तस्वीर को सीने से लगा कहती नजर आती है कि इस हरी-भरी बगिया को क्यों वीरान छोड़ कर चले गए। शहीद बाबूलाल की 2 साल की सेवा बाकी थी। वह 2 साल बाद सेवानिवृत्त होने वाले थे। 4 अगस्त की सुबह हुई वार्ता में उन्होंने कहा कि मैं ऊपर जा रहा हूं, वहां मोबाइल का नेटवर्क नहीं मिलता है। मैं या तो रात को या सुबह बात करूंगा।
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वहीं दोनों बेटे विशाल व विशेष सुबकते हुए कहा कि पिताजी का सपना हमें चिकित्सक के रूप में आमजन की सेवा करते देखना था। हम पिताजी के सपने को पूरा करने का पूरा प्रयास करेंगे। जयपुर ग्रामीण के मनोहरपुर के ग्राम हनुतपुरा के भारतीय सेना के 34वीं राष्ट्रीय राइफल में कार्यरत हवलदार बाबूलाल जम्मू कश्मीर के कुलगाम जिले में आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हो गए। अब परिजन उनको याद कर रो पड़ते है।
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बेटे को तिरंगे में लिपटा देखा
पिता गुल्लाराम ने कहा कि आंखों का ऑपरेशन कराते समय शहीद बाबूलाल ने कहा था कि पिताजी ऑपरेशन के बाद आप अच्छी तरह से देख पाओंगे। मुझे क्या पता था कि मैं बेटे को इन आंखों से तिरंगे में लिपटा हुआ देखूंगा। बहन हीरा देवी व सजना देवी, बड़े भाई भैरूलाल सहित परिजनों का भी रो रो कर बुरा हाल है।

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