
जयपुर। राजस्थान के स्कूलों में शीतकालीन अवकाश को लेकर चल रहा असमंजस आज समाप्त हो जाएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि शीतकालीन अवकाश 25 दिसम्बर से ही लागू होंगे। लेकिन इस संबंध में अभी तक कोई आदेश नहीं निकले हैं। ये आदेश सोमवार को जारी किए जाएंगे।
इस समय स्कूलों में अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है। ये परीक्षाएं 24 दिसम्बर तक आयोजित की जाएंगी। इसके बाद 25 दिसम्बर को क्रिसमस का अवकाश रहेगा। आगामी 26 दिसम्बर से स्कूलें खुलेेंगी या नहीं,इसको लेकर अभी तक असमंजस बरकरार है।
दरअसल दो-तीन माह पहले शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने एक बयान जारी किया था। इसमें कहा था कि इस बार शीतकालीन अवकाश तेज सर्दी को देखते हुए ही किए जाएंगे। इसके बाद पिछले दिनों शिक्षा मंत्री दिलावर ने फिर यही बात दोहराई थी। ऐसे में दो दिन पहले तक शीतकालीन अवकाश को लेकर असमंजस बना हुआ है।
शिक्षा विभाग के शिविरा पंचाग के अनुसार शीतकालीन अवकाश 25 दिसम्बर से 5 जनवरी तक घोषित हैं। सूत्रों के अनुसार अधिक संभावना यही जताई जा रही कि शीतकालीन अवकाश शिविरा पंचाग के अनुसार ही जारी किए जाएंगे। इस संबंध में आदेश सोमवार या मंगलवार को घोषित कर दिए जाएंगे।
राजस्थान के स्कूलों में शीतकालीन अवकाश को लेकर अभी तक असमंजस बना हुआ है। राजस्थान में 25 दिसम्बर से शीतकालीन अवकाश होते आए हैं, लेकिन पहली बार शीतकालीन अवकाश को लेकर 23 दिसम्बर तक भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इधर राजस्थान के सभी सरकारी व निजी कॉलेजों में शीतकालीन अवकाश घोषित हो चुके हैं। ये अवकाश 25 दिसम्बर से 31 दिसम्बर तक होंगे।
शिक्षा विभाग की ओर से पहली बार राज्य स्तर पर एक समान परीक्षा के तहत अर्द्धवार्षिक परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। शिक्षा विभाग ने पहले अर्द्धवार्षिक परीक्षा का कलैण्डर जारी किया गया था। इसमें ये परीक्षाएं 27 दिसम्बर तक आयोजित की जानी थी। लेकिन बाद में राजस्थान के कई शिक्षक संघों ने शीतकालीन अवकाश के दौरान अर्द्धवार्षिक परीक्षा किए जाने का जमकर विरोध किया था। इसके बाद शिक्षा विभाग बैकफुट पर आया और संशोधित परीक्षा कलैण्डर जारी किया गया। इसमें अब 24 दिसम्बर के बाद कोई अर्द्धवार्षिक परीक्षा का आयोजन नहीं किया गया है।
शिविरा पंचाग के अनुसार शीतकालीन अवकाश आने में अब मात्र दो दिन शेष बचे हैं। अक्सर शीतकालीन अवकाश में कई लोग घूमने-फिरने व अन्य प्लान तय करते हैं। इसके लिए पूर्व प्लानिंग व आने-जाने के लिए एडवांस बुकिंग की जाती है। यह सीजन भी पर्यटन की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण होता है। लेकिन दो दिन पहले तक भी अवकाश के बारे में कोई सूचना नहीं होने से बच्चे व अभिभावक असमंजस में हैं। एनवक्त पर शीतकालीन अवकाश की घोषणा होने से घूमने-फिरने व अन्य कार्यक्रमों को पूरा करने में काफी परेशानी होगी।