बैठक में IOCL, BPCL और HPCL जैसी प्रमुख तेल कंपनियों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। कंपनियों ने सरकार को भरोसा दिलाया है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद, राजस्थान के लिए आवंटित कोटे में कोई कटौती नहीं की गई है। सप्लाई चेन को डिजिटल माध्यम से ट्रैक किया जा रहा है ताकि किसी भी जिले में शॉर्टेज होने पर तुरंत बैकअप भेजा जा सके।