पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि उनकी सरकार की नीति भारत, अफगानिस्तान और अन्य देशों के साथ शांतिपूर्ण रिश्ते रखने की है। खान ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कश्मीर के संबंध में अपनी सरकार की नीति से अवगत कराया। प्रधानमंत्री ने कहा कि मैंने भारत से कहा है कि यदि वह एक कदम आगे बढ़ेंगे तो हम दो कदम आगे बढ़ेंगे।
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि उनकी सरकार की नीति भारत, अफगानिस्तान और अन्य देशों के साथ शांतिपूर्ण रिश्ते रखने की है। खान ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कश्मीर के संबंध में अपनी सरकार की नीति से अवगत कराया। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार की यह नीति रही है कि भारत, अफगानिस्तान और अन्य देशों के साथ शांतिपूर्ण संबंध रखे जाएं। उन्होंने संबोधन में कहा कि मैंने भारत से कहा है कि यदि वह एक कदम आगे बढ़ेंगे तो हम दो कदम आगे बढ़ेंगे। हमारा मुख्य मसला कश्मीर है, हर बार हम भारत के साथ बातचीत पर आए। उसने मुद्दे से भटकाया और दोष पाकिस्तान पर मढ़ दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पुलवामा घटना के बाद भारत ने उसका दोष पाकिस्तान पर मढ़ा। उन्होंने कहा कि भारत में चुनाव के बाद स्थिति में बदलाव का पाकिस्तान इंतजार कर रहा था, चुनाव के बाद भारत ने पाकिस्तान को एफएटीएफ में ब्लैकलिस्ट कराने का प्रयास किया। खान ने कहा कि हमने तब फैसला किया कि भारत के साथ बात नहीं करेंगे और महसूस किया कि वह किसी और एजेंडे पर काम कर रहा है। इसके बाद भारत ने पांच अगस्त को कश्मीर पर इतना बड़ा फैसला ले लिया और संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों, अपने संविधान तथा उच्च न्यायालय के फैसलों का उल्लंघन किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि विश्व नहीं भी मानता तो पाकिस्तान कश्मीर के मसले पर अपने रुख पर कायम है। उन्होंने कहा कि कश्मीर का मसला सभी राष्ट्रों के प्रमुख और अंतरराष्ट्रीय मीडिया के समक्ष उठाएंगे। मैं उन्हें बताऊंगा कि मोदी की सरकार साधारण सरकार नहीं है। ये ऐसी सरकार है, जो खतरनाक विचारधारा का अनुपालन करती है।