जयपुर

ट्रैफिक में नवाचारः राजधानी के भीड़ भरे चौराहों पर अब येलो बॉक्स दिखेंगे, जिग-जैग लाइन से मिलेगी राहगीरों को राहत

राजधानी के भारी यातायात दबाव वाले चौराहों पर अब येलो बॉक्स और जिग-जैग लाइनें दिखाई देंगी। इस प्रयोग से राहगीरों से लेकर जाम की दिक्कत भी दूर होगी। इस प्रयोग को जेब्रा लाइन का अपग्रेड वर्जन कहा जा रहा है। कई शहरों में नया प्रयोग शुरू किया गया है।
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Dec 25, 2023
ट्रैफिक में नवाचारः राजधानी के भीड़ भरे चौराहों पर अब येलो दिखेंगे, जिग-जैग लाइन से मिलेगी राहगीरों को राहत
ट्रैफिक में नवाचारः राजधानी के भीड़ भरे चौराहों पर अब येलो दिखेंगे, जिग-जैग लाइन से मिलेगी राहगीरों को राहत

राजधानी के भारी यातायात दबाव वाले चौराहों पर अब येलो बॉक्स और जिग-जैग लाइनें दिखाई देंगी। इस प्रयोग से राहगीरों से लेकर जाम की दिक्कत भी दूर होगी। इस प्रयोग को जेब्रा लाइन का अपग्रेड वर्जन कहा जा रहा है। कई शहरों में नया प्रयोग शुरू किया गया है। इंडियन रोड कांग्रेस में येलो बॉक्स और जिग-जैग लाइन का जिक्र है। पुणे के संकरे बाजारों में येलो बॉक्स और जिग-जैग लाइन कई वर्ष पहले बनाई गई थीं और परिणाम भी सकारात्मक सामने आए हैं।

ऐसे समझें...
देश के बेंगलूरु, अहमदाबाद और इंदौर में इस तरह का प्रयोग शुरू हो चुका है। वहां की यातायात पुलिस लोगों को समझा भी रही है।

जिग-जैग लाइन है तो...यह लाइन पैदल यात्री क्रॉसिंग का संकेत देती है। वाहन चालक इस जिग-जैग लाइन पर रुक नहीं सकते। ये लाइनें पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए हैं।
इसलिए शुरू हुआ प्रयोग: वाहन चालक जिग जैग लाइन के पास आकर वाहन रोक देते हैं। इससे राहगीरों के लिए सड़क पार करना मुश्किल हो जाता है और दुर्घटना का अंदेशा रहता है। इस प्रयोग से दुर्घटनाओं में कमी आने की संभावना है।

येलो बॉक्स होने पर: जिस हिस्से में येलो बॉक्स हैं, सड़क के उस हिस्से में वाहन खड़े नहीं हो सकते।
इसलिए शुरू हुआ प्रयोग: जिन चौराहों पर ट्रैफिक का दबाव अधिक है, वहां येलो बॉक्स बनाए गए हैं। इन चौराहों पर कोई वाहन बीच चौराहे पर फंस जाता है या रुका हुआ है तो पीछे वाले वाहन चालक स्टॉप लाइन के पहले ही रोक देते हैं। ऐसा करने से विपरीत दिशा के सिग्नल खुलते ही वाहनों को चौराहा क्रॉस करने में आसानी होती है।


यह प्रयोग अच्छा है। राजधानी के कुछ चौराहों पर इसे किया जा सकता है। पुणे में इसे कई वर्ष पहले शुरू किया था। उसके सकारात्मक परिणाम रहे हैं।
-नेहा खुल्लर, सदस्य, मुस्कान एनजीओ

ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड की बैठक में इस तरह के निर्णय होते हैं। यदि ट्रैफिक पुलिस की ओर से प्रस्ताव आता है तो प्रयोग के तौर पर किसी एक चौराहे से शुरुआत की जा सकती है। योजना सफल हुई तो आगे बढ़ाएंगे।
-अशोक चौधरी, निदेशक, अभियांत्रकी शाखा, जेडीए

Published on:
25 Dec 2023 12:02 pm