जयपुर

Good News: नवरात्र में जयपुरवासियों को मिलेगी सौगात, यहां रफ्तार से दौड़ेंगे वाहन

Maharani Farm culvert: महारानी फार्म में द्रव्यवती नदी पर बनने वाली रपट आखिरकार तैयार हो गई है।
less than 1 minute read
Sep 18, 2025
Maharani-Farm-culvert
महारानी फार्म रपट। फोटो: पत्रिका

जयपुर। महारानी फार्म में द्रव्यवती नदी पर बनने वाली रपट आखिरकार तैयार हो गई है। यह वही रपट है जिसे छह महीने में पूरा करने का वादा किया गया था, लेकिन जनता और वाहन चालकों की सब्र की परीक्षा लेते हुए काम नौ महीने में पूरा किया गया। अब इसे रंग-रोगन कर अंतिम रूप दिया जा रहा है और 22 सितंबर से नवरात्र के मुहूर्त पर यातायात शुरू करने की तैयारी है।

जेडीए ने रपट को ऊंचा करने का वर्कऑर्डर पिछले साल नवंबर में जारी किया था, लेकिन राइजिंग राजस्थान की वजह से काम जनवरी में शुरू हुआ। इसे जून तक पूरा करने का लक्ष्य था। इस बीच बिजली और पानी की लाइन को शिफ्ट करने में करीब एक से डेढ़ माह लग गए। कार्य समय पर न हो पाने के कारण जेडीए ने डेडलाइन अगस्त तक बढ़ाई, और अगस्त में भी काम पूरा न होने पर इसे सितंबर तक बढ़ा दिया।

काम में देरी से लोगों को परेशानी

जेडीए ने रपट का काम छह माह में पूरा करने का समय तय किया था, लेकिन इसे पूरा करने में नौ माह लग गए। इस दौरान दो बार डेडलाइन भी बढ़ाई गई। टोंक रोड से मानसरोवर को जोड़ने वाली इस मुख्य सड़क से रोजाना हजारों लोग गुजरते हैं।

प्रतिघंटा यहां से एक हजार से अधिक वाहन निकलते हैं, लेकिन पिछले नौ माह से रपट निर्माण के चलते वाहन चालकों को पांच किलोमीटर लंबा चक्कर लगाकर मानसरोवर और टोंक रोड पहुंचना पड़ रहा है। इससे लाखों रुपए के डीजल-पेट्रोल की बर्बादी हुई है।

Also Read
View All
राजस्थान में ‘फहरने’ के बजाए ‘नीचे गिरा’ तिरंगा, झंडारोहण के दौरान दो शर्मसार करने वाली घटनाएं, देखें VIDEO

राजस्थान BJP प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने ‘स्वतंत्रता दिवस’ पर मांगी माफ़ी, जानिए क्या रही वजह?

‘इलेक्शन मोड’ में राजस्थान BJP, पंचायत-निकाय चुनाव से पहले 48 ज़िलों में 96 नेताओं को प्रभारी-सह प्रभारी का ज़िम्मा, देखें पूरी सूची

‘होंठ नीले पड़े थे, हॉस्पिटल ले जाते तो जिंदा होता प्रिंस’, जयपुर में छात्र की मौत पर दोस्त ने बताई दर्दभरी दास्तां

खाटूश्यामजी दर्शन को आ रहा परिवार हादसे का शिकार, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर ट्रक में घुसी कार; 4 लोगों की मौत