प्रत्येक जन चेतना कार्यक्रम 5 दिन का होगा, जिसमें पहले 4 दिन पूर्व प्रचार गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। फिर उसके बाद...
जयपुर। अधिकारियों द्वारा समय-समय पर स्वच्छता को लोगों को जागरुकता अभियान चलाते देखा गया, लेकिन शुक्रवार शहर में स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरुक करने पहले अफसरों के लिए एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के क्षेत्रीय प्रचार निदेशालय और केंद्रीय आवास तथा शहरी मामलों के मंत्रालय के सहयोग से यहां के होटल में अहम कार्यशाला आयोजित की गई। जिसमें कई अफसरों ने अपनी बाते रखी।
कचरा बेचने से हो रही आमदनी-
इस आयोजित कार्यशाला में डूंगरपुर नगर परिषद अध्यक्ष और स्वच्छ राजस्थान अभियान के ब्रांड एंबेसडर के.के. गुप्ता ने बताया कि डूंगरपुर में न केवल घर-घर से कचरे का संग्रहण किया जा रहा है, बल्कि उसे वैज्ञानिक तरीके से अलग-अलग करने पर काम हो रहा है। तो वहीं कचरा बेचने से नगर परिषद को अतिरिक्त आय भी होने लगी है। जबकि कार्यशाला में स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 के जयपुर के नोडल अधिकारी विनोद पुरोहित ने राजधानी में किए गए कार्यों की जानकारी दी।
खाली पड़े जगहों में बनवया गया पार्क-
जयपुर के नोडल अधिकारी ने अधिकारी इस दौरान समस्या और समाधान दोनों पर अपनी बात रखते हुए कहा कि खाली पड़े स्थानों को पार्कों के रूप में विकसित किया गया है। नगर निगम ने सड़कों की सफाई और कचरा संग्रहण के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष प्रयास किए हैं। वहीं राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के डॉक्टर सर्वेश अग्रवाल और नगर निगम के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर आर.के. गर्ग ने भी जानकारी दी।
विशेष जन चेतना कार्यक्रम-
पत्र सूचना कार्यालय के अपर महानिदेशक ओंकारमल केडिया ने कहा कि स्वच्छता हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा है और इसके बिना स्वस्थ समाज की कल्पना नहीं की जा सकती। इसके लिए विशेष जन चेतना कार्यक्रम होगा। प्रत्येक जन चेतना कार्यक्रम 5 दिन का होगा, जिसमें पहले 4 दिन पूर्व प्रचार गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। फिर उसके बाद 5वें दिन मुख्य कार्यक्रम में नगर निगम और स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। जबकि सभी कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी।