World Health Day 2023: कोविड संक्रमण के घातक दौर देख चुके राज्य के लोग अब आपात हॉर्ट अटैक से होे वाली मौतों से अचंभित हैं। कुछ माह के दौरान राजधानी जयपुर सहित राज्य में कई जगह इस तरह की मौतें देखी गई हैं, जिनमें तंदुरूस्त दिखने वाला व्यक्ति अचानक गिरा और चंद पलों में ही उसकी मौत हो गई।
World Health Day 2023: विकास जैन/जयपुर। कोविड संक्रमण के घातक दौर देख चुके राज्य के लोग अब आपात हॉर्ट अटैक से होे वाली मौतों से अचंभित हैं। कुछ माह के दौरान राजधानी जयपुर सहित राज्य में कई जगह इस तरह की मौतें देखी गई हैं, जिनमें तंदुरूस्त दिखने वाला व्यक्ति अचानक गिरा और चंद पलों में ही उसकी मौत हो गई।
राजस्थान में किए गए एक अध्ययन के अनुसार कोविड-19 की विभिन्न लहरों में संक्रमित हो चुके लोगों में हृदयाघात और ब्रेन स्ट्रोक सहित पेट एवं पैरो की नसों में रुकावट (पोस्ट कोविड थ्रोम्बोसिस) का खतरा बढ़ा है। सवाईमानसिंह मेडिकल कॉलेज और आरयूएचएस अस्पताल में कोविड काल के दौरान आए करीब 3 हजार मरीजों पर किए गए एक अध्ययन के अनुसार सर्वाधिक 15 प्रतिशत डेल्टा वेरिएंट के मरीजों को इन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जबकि अल्फा वेरिएंट के 3.90 प्रतिशत और ओमिक्रॉन के 1.6 प्रतिशत मरीज इससे प्रभावित हुए।
इसलिए बढ़ रही चिंता...
कोविड एक वायरस है जो बदलता रहता है। भारत में अब तक इसके 214 वैरिएंट पाए गए हैं। हाल के कुछ महीनों में राजधानी जयपुर में कई डॉक्टरों सहित प्रदेश भर में आमजन की भी इस तरह आपात मौतें हुई है। देश भर में युवा कलाकार, एथलीट, खिलाडि़यों की भी इस तरह मौतें हुई। केन्द्र सरकार ने शोध का निर्णय इसीलिए लिया है।
राहत : मौजूदा वैरिएंट खतरनाक नहीं
पिछला कोविड म्यूटेशन ओमिक्रॉन का बीएफ.7 सब-वेरिएंट था, और अब एक्सबीबी1.16 सब-वेरिएंट संक्रमण में बढ़ोतरी का कारण बन रहा है। राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति और राज्य के शीर्ष कोविड विशेषज्ञ डॉ.सुधीर भंडारी के अनुसार संक्रमण से रक्त गाढ़ा होकर पूर्णतया सही होने के बाद भी लंबे समय तक मरीज को पोस्ट कोविड समस्या से ग्रसित करके रख रहा है। आरयूएचएस जयपुर के अधीक्षक डॉ.अजीत सिंह का कहना है कि सब-वेरिएंट बहुत खतरनाक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अभी भर्ती मरीजों की दर बेहद कम है।
सतर्क रहें, बरतें सावधानियां
- ब्लड प्रेशर की जांच समय समय पर करवाते रहें
- व्यायाम, जिम, रनिंग आदि विशेषज्ञ की सलाह पर ही करें
- सवस्थ होने के बावजूद चिकित्सक के संपर्क में रहें
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सरकार चिंतित
- तंदुरूस्त लोगों के अचानक गिरने और चंद पलों में ही मौतों से केन्द्र व राज्य सरकारें चिंतित।
- हृदयाघात और ब्रेन स्ट्रोक सहित पेट एवं पैरो की नसों में रुकावट (पोस्ट कोविड थ्रोम्बोसिस) का खतरा बढ़ा।