
जयपुर
विश्व जनसंख्या दिवस 11 जुलाई को धूमधाम से मनाया जाएगा। लोगों को जागरूक करने के लिए ढ़ेरों कार्यक्रम भी आयोजित किए जाऐंगे। इस वर्ष इसकी थीम ‘परिवार कल्याण मानवाधिकार है’ रखी गई है। यूएनओ एजेंसीज ने बढ़ती जनसंख्या से देश को अवगत कराया तो 20 वर्ष से 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाने लगा है। जनसंख्या के मामले में एक सच्चाई यह है कि परिवार कल्याण के सारे प्रयास महिलाओं पर ही केंद्रीत रहे हैं। जिसका खामियाजा हम सभी को चुकाना पड़ रहा है।
स्थाई साधन में दोनों के लिए नसबंदी
भारत में जनसंख्या का दबाव कम करने के लिए प्रयास बहुत किए गये, लेकिन परिवार कल्याण के सारे प्रयास महिलाओं पर ही केंद्रीत रहे। पुरुष को जनसंख्या रोकने या कम करने में प्राथमिकता से नहीं लिया गया। भारत में महिलाओं व पुरुषों को बच्चा पैदा नहीं करने के लिए स्थाई साधन में दोनों के लिए नसबंदी रखा है, जबकि अस्थाई परिवार कल्याण साधनों में महिलाओं के लिए पांच प्रकार के साधन उपलब्ध हैं।
महिलाओं को बचाव के 5 साधन, पर इच्छा से नहीं ले सकतीं
यूएनओ एजेंसी व सरकारों ने जनसंख्या कम करने के लिए नए साधन खोजने का प्रयास किया, जिसमें महिलाओं के लिए 5 प्रकार के साधन दिए गए हैं। जो महिला इच्छा से ले भी नहीं सकती, इसलिए भारत में 225 मिलियन महिलाएं अनचाहे गर्भ ठहरने से गर्भधारण कर लेती हैं।
पुरूषों के मामले मेें यह है सम्सया
पुरुषों के मामले मेें सम्सया यह है कि पुरूषों में परिवार कल्याण के साधन उपयोग करने की सामाजिक स्वीकृति वाली सोच आज भी नहीं है। इस सम्सया के निदान के लिए सामाजिक जागरूकता और चेतना की जरूरत है। पुरुषों के लिए कंडोम के अलावा पसंद आने वाले साधन अभी तक खोजे भी नहीं गए हैं। जिस पर गंभीरता से ध्यान देना होगा।