हनुमानजी को दलित एवं वंचित बताने पर सर्व ब्राह्मण महासभा ने योगी आदित्यनाथ को कानूनी नोटिस भेजा है।
जयपुर। हनुमानजी को दलित एवं वंचित बताने पर सर्व ब्राह्मण महासभा ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को कानूनी नोटिस भेजा है।
सर्व ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष पंडित सुरेश मिश्रा ने कहा कि योगी आदित्यनाथ हनुमान जी को दलित बताने पर तीन दिन के अंदर माफी मांगें, नहीं तो उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
मिश्रा ने कहा कि आदित्यनाथ की ओर से हनुमानजी को दलित और वंचित बताने पर उन्हें बहुत आश्यर्च हुआ। उनके बयान ने हनुमान भक्तों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। यह चुनाव में राजनीतिक लाभ लेने का एक बड़ा प्रयास है।
अलवर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के मालाखेड़ा कस्बे में 27 नवंबर को आयोजित सभा में योगी ने कहा था कि बजरंगबली ऐसे लोक देवता हैं जो स्वयं वनवासी हैं, गिरवासी हैं, दलित हैं वंचित है। भाजपा ने योगी के हनुमान की जाति पर दिए बयान से किनारा कर लिया।
वहीं उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि ये लोग वोट के लिए जाति को भी नही छोड़ते। तिवारी ने कहा कि यह तो सभी लोग जानते हैं कि भाजपा इंसान व समाज को बांटने का काम करती है। अब यह देखने को मिल रहा है कि भगवान को भी जाति के नाम पर बांटने पर आमादा है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जहां भी जाते हैं, भगवान की अलग-अलग जाति बताते हैं। योगी जब छत्तीसगढ़ गए तब भगवान हनुमान को आदिवासी बताया और अब राजस्थान आए तो भगवान हनुमान को दलित बता रहे हैं। इससे साबित होता है कि भाजपा यह चुनाव जनता से जुड़े मुद्दों पर लडऩा नहीं चाहती।
तिवारी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की सरकार इतिहास की सबसे भ्रष्ट सरकार साबित हुई है। महिला सीएम होने पर भी महिलाओं परसर्वाधिक अत्याचार देखे गए हैं। भाजपा के नेता इस पावन धरा पर अजीबो-गरीब टिप्पणियां कर चले जाते हैं। भाजपा के लोग पूछ रहे हैं कि कांग्रेस का राजस्थान में दूल्हा कौन है, लेकिन पहले उन्हें यह बताना चाहिए कि यूपी, महाराष्ट्र, हरियाणा व झारखंड में उनका दूल्हा कौन था।