मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि लोकदेवता बाबा रामदेव की कर्मस्थली रामदेवरा में शुरू हुआ नेत्र कुंभ केवल नेत्र जांच शिविर नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और आस्था का केंद्र है।
Rajasthan cm in ramdevra - मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि लोकदेवता बाबा रामदेव की कर्मस्थली रामदेवरा में शुरू हुआ नेत्र कुंभ केवल नेत्र जांच शिविर नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और आस्था का केंद्र है। यहां आने वाले लाखों जातरुओं और ग्रामीणों को नेत्र ज्योति प्राप्त होगी, जिससे उनकी पीड़ा कम होगी और दुआएं मिलेंगी।
मुख्यमंत्री ने पोकरण रोड पर आयोजित 33 दिवसीय नेत्र महाकुंभ का गुरुवार को शुभारंभ करते हुए कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने के लिए संकल्पबद्ध है। अस्पतालों में मूलभूत सुविधाएं बढ़ाने और स्वास्थ्यकर्मियों की भर्ती पर कार्य तेज है। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास मानव सेवा को समर्पित कई संगठन हैं, जबकि अन्य दल केवल नारेबाजी तक सीमित हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने पांच वर्षों में जो नहीं किया, भाजपा सरकार ने डेढ़ साल में कर दिखाया है। कांग्रेस ने गरीबी हटाओ का नारा तो दिया, लेकिन कभी गरीबी नहीं हटी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने केवल वर्ग विशेष के तुष्टीकरण और परिवारवाद को बढ़ावा दिया, जबकि भाजपा वसुधैव कुटुंबकम की भावना से जनकल्याण कर रही है। मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का प्रचार करें ताकि वंचित तबके को लाभ मिल सके।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक सुरेशचंद्र ने नेत्र कुंभ को सेवा और समर्पण का प्रतीक बताते हुए कार्यकर्ताओं से नि:स्वार्थ भाव से आने वाले जातरुओं की सेवा करने की अपील की। उन्होंने जातिवाद और भेदभाव खत्म कर सामाजिक समरसता मजबूत करने और बाबा रामदेव के बताए मार्ग पर चलने का संदेश दिया। सभा में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्रसिंह खींवसर ने सरकारी चिकित्सा योजनाओं की जानकारी साझा की। मंच से संघ के चंद्रशेखर, सक्षम के राष्ट्रीय अध्यक्ष दयालसिंह, एनएचएम के मुख्य प्रबंधक अमित यादव, क्षेत्रीय प्रचारक नींबाराम, भामाशाह भगवती बलदवा, भामाशाह व समाजसेवी नरसी कुलरिया, सीमाजन कल्याण समिति के महामंत्री खेताराम लीलड़ व राव भोमसिंह तंवर ने भी विचार रखे। स्वागत महंत प्रतापपुरी ने किया और संचालन स्वरूपदान ने संभाला।
मुख्यमंत्री और अन्य अतिथियों ने फीता काटकर नेत्र कुंभ का उद्घाटन किया। ओपीडी का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और खुद की आंखों की जांच भी करवाई। टीम ने उनके लिए चश्मा तैयार कर सुपुर्द किया। मंच से सक्षम संस्थान की पुस्तक का विमोचन भी हुआ।