
जैसलमेर. राज्य विधानसभा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद से सीमावर्ती जैसलमेर जिले का प्रशासन पूरी तरह से इलेक्शन मोड में नजर आ रहा है। आगामी 7 दिसम्बर को होने वाले विधानसभा चुनाव और 11 दिसम्बर को मतगणना को लेकर राज्य कर्मचारियों के करीब 40 फीसदी बेड़े को जोडऩे की कवायद लगभग पूरी की जा चुकी है। गौरतलब है कि जैसलमेर जिले में सभी श्रेणियों के राज्य कर्मचारियों की कुल संख्या 10 हजार से थोड़ी अधिक है। उनमें से 40 फीसदी यानी करीब 4 हजार कर्मचारी और अधिकारी चुनाव प्रक्रिया का हिस्सा बनेंगे। इसकी तैयारी प्रशासन ने पूरी कर ली है। कर्मचारियों व अधिकारियों की चुनाव ड्यूटियां लगाने की कवायद के बाद जो तस्वीर उभर कर सामने आ रही है, उसके अनुसार यह तय है कि आगामी दिसम्बर माह के पहले पखवाड़े तक सरकारी तंत्र का पूरा ध्यान विधानसभा चुनाव पर केन्द्रित रहने वाला है।
जिले में दो विधानसभा क्षेत्र
सीमावर्ती जैसलमेर जिले में जैसलमेर और पोकरण दो विधानसभा क्षेत्र आते हैं।राज्य निर्वाचन विभाग ने दोनों को मिलाकर 614 मतदान केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया है, जिसके अनुसार जिला निर्वाचन विभाग ने 800 मतदान दलों के गठन की प्रक्रिया पूरी कर ली है।इनमें 186 दल रिजर्व में रहेंगे। किसी भी तरह की आपात स्थिति में चुनाव प्रक्रिया प्रभावित नहीं होने पाए। प्रत्येक मतदान दल में 1 पीआरओ व 3 सहायक कर्मी तैनात रहते हैं। इस तरह से 3200 कर्मचारी मतदान करवाने की ड्यूटी का हिस्सा बनाए गए हैं। जैसलमेर विधानसभा क्षेत्र में 356 और पोकरण क्षेत्र के लिए 258 मतदान केंद्रों की स्थापना की गई है। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर करीब 15 विभिन्न प्रकोष्ठों का गठन किया जा चुका है। जिनमें 300 तक अधिकारी व अन्य कार्मिकों को षामिल किया गया है। ये प्रकोष्ठ जिला कलेक्ट्रेट के अलग-अलग हिस्सों में कायम किए गए हैं।
सेक्टर अधिकारी जुटे काम में पिछले दिनों चुनाव के मद्देनजर अधिकारी वर्ग के करीब 150 सेक्टर अधिकारियों को उनके कार्य क्षेत्र का आबंटन कर दिया गया है। हर सेक्टर अधिकारी को औसतन 4-5 या कहीं इससे भी अधिक मतदान केंद्रों की जिम्मेदारी दी गई है।जानकारी के अनुसार लगभग सभी ने एक या उससे अधिक बार अपने ड्यूटी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मतदान केंद्रों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं की जानकारी ले ली है।आने वाले दिनों में जोनल मजिस्ट्रेट और एरिया मजिस्ट्रेट लगाए जाने हैं। एरिया मजिस्ट्रेट के तौर पर प्रषासनिक अधिकारियों को ही तैनात किया जाता है।जानकारी के अनुसार विधानसभा चुनाव के लिए आम तौर पर राज्य कर्मचारियों को ही ड्यूटी पर लगाया जाएगा।अलबत्ता बैंकिंग संस्थानों व कुछ केंद्रीय विभागों के कार्मिकों को माइक्रो ऑब्जर्वर का जिम्मा सौंपा जाएगा।
प्रशिक्षणों का दौर शुरू
चुनाव ड्यूटी पर लगाए गए कार्मिकों के प्रशिक्षणों का दौर गत दिनों से शुरू हो गया है।जैसे-जैसे चुनाव की तिथि नजदीक आएगी, इसमें भी तेजी आती जाएगी। ऐसे ही मतदाताओं को स्वतंत्र और भयमुक्त मतदान के लिए पुलिस और सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों और जवानों की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार फ्लैग मार्च करवाए जा रहे हैं।
फैक्ट -
-02 विधानसभा क्ष् ोत्र जैसलमेर जिले में
-614 मतदान केंद्रों की होगी स्थापना
-07 दिसम्बर को होंगे विधानसभा चुनाव
-11 दिसम्बर को आएंगे नतीजे
चुनाव कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता
आगामी दिसम्बर माह में होने वाले विधानसभा चुनाव प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता पर है। सरकारी कार्मिकों की चुनाव कार्य में जरूरत के अनुसार ड्यूटी लगाई गई है। मेडिकल सेवा के अधिकारी व कार्मिक चुनाव कार्यसे मुक्त रखे जाएंगे।
-ओम कसेरा, जिला निर्वाचन अधिकारी (कलक्टर), जैसलमेर