पोकरण कस्बे में केन्द्रीय बस स्टैंड से भवानीपुरा और रेलवे स्टेशन जाने वाली सडक़ पर गत कई महिनों से केवल 150 मीटर की दूरी पर भूमिगत पाइपलाइन में 9 लीकेज है।
पोकरण कस्बे में केन्द्रीय बस स्टैंड से भवानीपुरा और रेलवे स्टेशन जाने वाली सडक़ पर गत कई महिनों से केवल 150 मीटर की दूरी पर भूमिगत पाइपलाइन में 9 लीकेज है। ऐसे में प्रतिदिन सैकड़ों गैलन पानी व्यर्थ बह रहा है और यहां जमा कीचड़ के कारण आमजन को परेशानी हो रही है। जानकारी के अनुसार कस्बे में केन्द्रीय बस स्टैंड से भवानीपुरा बस्ती और रेलवे स्टेशन की तरफ जाने वाली सडक़ पर जलदाय विभाग की ओर से वर्षों पूर्व भूमिगत पाइपलाइन लगाई गई थी, जिससे यहां आबादी क्षेत्र में घरों में नल कनेक्शन दिए गए है। वर्षों पुरानी पाइपलाइन धीरे-धीरे क्षतिग्रस्त होने लगी है, साथ ही आए दिन लीकेज हो रही है। ऐसे में यहां पानी व्यर्थ बहता रहता है। एक तरफ यहां आम रास्ते पर कीचड़ जमा हो रहा है, वहीं दूसरी ओर घरों में जलापूर्ति भी बाधित हो रही है।
बस स्टैंड से भवानीपुरा की तरफ जाने वाले मार्ग पर केवल 150 मीटर की दूरी में 9 जगहों पर पाइपलाइन लीकेज है। ऐसे में जलापूर्ति के दौरान पानी व्यर्थ बहने लगता है, जिससे यहां कीचड़ फैल रहा है। इसके साथ ही यहां आसपास निवास कर रहे लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है।
पाइपलाइन लीकेज होने के कारण आए दिन यहां कीचड़ जमा हो जाता है। पानी निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण यहां कीचड़ कई दिनों तक जमा रहता है। ऐसे में यहां निर्मित करवाई जा रही डामर सडक़ क्षतिग्रस्त हो रही है और गड्ढ़े भी बन रहे हैं। नगरपालिका की ओर से सडक़ निर्माण अथवा मरम्मत करवाने के कुछ दिनों में ही डामर उखड़ जाता है। हालात यह है कि यहां करीब 100 मीटर में तो डामर सडक़ का नामो-निशां ही मिट चका है। इसके साथ ही यहां गहरे गड्ढ़ों के कारण आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
भवानीपुरा व भवानीपुरा कच्ची बस्ती के साथ ही सैनिक विश्राम गृह, बस स्टैंड से सीधे अंबेडकर सर्किल, रेलवे स्टेशन और उपखंड अधिकारी कार्यालय की तरफ जाने के लिए यह मार्ग कम दूरी का है। ऐसे में लोग दिन-रात यहां से गुजरते है। इसके अलावा यहां घनी आबादी भी निवास करती है। यहां लीकेज पाइपलाइन के कारण शुद्ध पानी व्यर्थ बहकर सडक़ पर जमा हो रहा है। ऐसे में यहां गहरे गड्ढ़ों से रात में रोशनी के अभाव में हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
8-9 जगहों पर पाइपलाइन लीकेज होने से पानी व्यर्थ बहकर सडक़ पर ही जमा हो रहा है और कीचड़ के कारण परेशानी हो रही है। बावजूद इसके जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।
कीचड़ फैलने के कारण पूरी सडक़ क्षतिग्रस्त होकर बिखर चुकी है। रात में पर्याप्त रोशनी के अभाव में गड्ढ़ों के कारण हादसे की आशंका बनी हुई है। जिम्मेदार पाइपलाइनोंं को ठीक नहीं कर रहे है।