जैसलमेर

रामदेवरा की भक्ति और पोकरण की शक्ति का हो संगम…पर्यटन विकास की अनछुई संभावनाएं

एक ओर लोकदेवता बाबा रामदेव की आस्था का विशाल केंद्र है, जहां देश भर से श्रद्धालु उमड़ते हैं, वहीं दूसरी ओर पोकरण देश की सैन्य शक्ति और ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक है।

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Mar 24, 2026

मरुधरा की धरती पर भक्ति और शक्ति का अद्भुत संगम रामदेवरा और पोकरण में महज 12 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद है। एक ओर लोकदेवता बाबा रामदेव की आस्था का विशाल केंद्र है, जहां देश भर से श्रद्धालु उमड़ते हैं, वहीं दूसरी ओर पोकरण देश की सैन्य शक्ति और ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक है। इसके बावजूद यह अनूठा संगम आज भी पर्यटन के बड़े मानचित्र पर अपनी मजबूत पहचान नहीं बना पाया है।

रामदेवरा में हर वर्ष 60 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचते हैं। विशेष रूप से भादवा मेले के दौरान अगस्त और सितंबर के दो महीनों में ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। शेष समय में भी हजारों की संख्या में यात्रियों की आवक बनी रहती है। इसके बावजूद अधिकांश श्रद्धालु केवल मुख्य मंदिर तक सीमित रहते हैं। पंच पीपली, रुणिचा कुआ, पैनोरमा और भैरव गुफा जैसे महत्वपूर्ण स्थल पर्याप्त प्रचार-प्रसार के अभाव में उपेक्षित हैं, जिससे यहां ठहराव की संभावना कम हो जाती है।

संभावनाएं अपार, प्रभावी प्रयासों की दरकार

पोकरण क्षेत्र ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक दृष्टि से समृद्ध है। लाल पत्थर से बना बालागढ़ फोर्ट आज भी अपनी भव्यता के साथ खड़ा है। कस्बे की गलियों में स्थित प्राचीन हवेलियां, उनके कलात्मक झरोखे और पत्थरों पर की गई बारीक नक्काशी पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता रखती है। इसके साथ ही ऐतिहासिक तालाब, कैलाश टेकरी मंदिर, पहाड़ियों पर स्थित छतरियां और नरासर कुंड जैसे स्थल यहां के प्रमुख आकर्षण हैं। बरसात के दौरान यहां बहने वाले झरने इस क्षेत्र की सुंदरता को और बढ़ा देते हैं। लोहारकी गांव के मखमली रेतीले धोरे भी सम क्षेत्र की तरह विकसित किए जा सकते हैं, लेकिन योजनाबद्ध प्रयासों के अभाव में यह संभावनाएं साकार नहीं हो पा रही हैं। यदि रामदेवरा और पोकरण को जोड़कर एक सुसंगठित पर्यटन सर्किट विकसित किया जाए, तो यह क्षेत्र बॉर्डर पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन सकता है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिल सकती है।

विकसित हो रामदेवरा- पोकरण सर्किट

रामदेवरा की भक्ति और पोकरण की शक्ति को जोड़कर पर्यटन सर्किट विकसित किया जाए तो यह क्षेत्र के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। इससे न केवल बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा, बल्कि श्रद्धालुओं के ठहराव की बेहतर व्यवस्था भी बन सकेगी। वर्तमान में अधिकतर लोग दर्शन कर लौट जाते हैं, लेकिन सर्किट बनने पर उन्हें स्थानीय स्तर पर सुविधाएं मिलेंगी। इससे होटल, परिवहन, छोटे व्यापार और अन्य गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

-समंदरसिंह तंवर, पूर्व सरपंच, ग्राम पंचायत रामदेवरा

पर्यटन उद्योग को मिल सकेगी गति

अभी रामदेवरा आने वाले श्रद्धालु सीधे जैसलमेर की ओर निकल जाते हैं और पोकरण आने वाले पर्यटक भी यहां अधिक समय नहीं रुकते। यदि रामदेवरा- पोकरण सर्किट विकसित होता है तो इससे होटल, गाइड और परिवहन सेवाओं का विस्तार होगा। इससे पर्यटन उद्योग को गति मिलेगी और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। साथ ही पोकरण की हस्तशिल्प और टेराकोटा कला को भी व्यापक पहचान मिल सकेगी, जिससे कारीगरों को नया बाजार मिलेगा।

-संतोष पालीवाल, होटल व्यवसायी, पोकरण

Published on:
24 Mar 2026 09:07 pm
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