
स्वर्णनगरी के ऐतिहासिक सोनार दुर्ग से सटे ह्रदयस्थल कहलाने वाले गोपा चौक में स्थित सब्जी मंडी को स्थानांतरित किए जाने की कवायद अंतिम दौर में पहुंच गई है। आने वाले कुछ दिनों में यहां के सब्जी विक्रेता अपना कारोबार समेट कर मंगलसिंह पार्क के पिछले वाले हिस्से में चले जाएंगे। जहां उन्हें कई वर्ष पहले बनाई गई चौकियों का आवंटन किया जाएगा। इस स्थान पर सब्जी विक्रेताओं की सुविधा के लिए शेड का निर्माण भी करवाया जाएगा।
कुछ दिन पहले जिला व नगरपरिषद प्रशासन की ओर से गोपा चौक सब्जी मंडी के दुकानदारों को यहां से स्थानांतरित होने के लिए अल्टीमेटम दिया गया था। गौरतलब है कि कुछ समय पहले गोपा चौक सब्जी मंडी को यहां से हटा कर शिव मार्ग पर स्थापित करने की योजना बनाई गई थी। इसके लिए नगरपरिषद की तरफ से 40 लाख रुपए की लागत से नई सब्जी मंडी के लिए जरूरी काम करवाने का टेंडर भी करवाया गया। अब यह जानकारी सामने आई है कि चूंकि सोनार दुर्ग के चारों तरफ हेरिटेज वॉक-वे निर्माण करवाया जाना है, ऐसे में शिव मार्ग में सब्जी मंडी जैसी भीड़-भाड़ वाला स्थान नहीं बनाया जा सकता। लिहाजा, प्रशासन ने जन सुविधा से जुड़ी सब्जी मंडी को मंगलसिंह पार्क के उसी पिछले हिस्से में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है, जहां करीब 9 साल पहले ले जाने का प्रयास किया गया था लेकिन वे प्रयास तब सिरे नहीं चढ़ पाए थे।
नगरपरिषद सूत्रों के अनुसार गोपा चौक सब्जी मंडी पर कुल 9 दुकानदार अपना व्यवसाय करते हैं। उन्हें कुछ दिन पहले यहां से व्यवसाय समेटने के लिए अल्टीमेटम दिया गया। प्रशासन ने दुकानदारों से कहा कि इस स्थान को खाली करवाने के बाद उसे बुलडोजर चला कर समतल करवाया जाना है। जानकारी के अनुसार ऐसे में दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो जाने पर उन्होंने वर्षों पहले मंगलसिंह पार्क के पिछले हिस्से में पुनर्वास किए जाने के लिए प्रयास किए। पार्क में मंडी स्थानांतरित करने का वर्षों पहले विरोध करने वाले पूर्व सभापति अशोक तंवर ने बताया कि जनहित में उन्होंने अपनी सहमति दे दी है।
गोपा चौक सब्जी मंडी को स्थानांतरित करने का निर्णय गत वर्ष पहले भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (एएसआइ) की ओर से शिव मार्ग से सटे सोनार दुर्ग परकोटे का पुनर्निर्माण कार्य शुरू करवाए जाने से टाल दिया गया था। इसके अलावा शुरुआत में कहा गया कि डिस्कॉम के ट्रांसफार्मर को हटाने के बाद मंडी का कार्य शुरू होगा। लेकिन बाद में करीब 50 करोड़ रुपए की लागत से दुर्ग की रिंग रोड को हेरिटेज स्वरूप दिए जाने की कवायद शुरू होने के मद्देनजर प्रशासन ने इस जगह को सब्जी मंडी के लिए उपयुक्त नहीं माना।
गौरतलब है कि यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल सोनार दुर्ग व उसके आसपास के क्षेत्रों को पर्यटकों के भ्रमण के लिए सुविधाजनक बनाए जाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। इसके तहत नगरपरिषद प्रशासन की तरफ से दशकों पुरानी केबिनों व ठेलों को हटवाया गया था। बाद में ठेले तो पुन: वहां लग गए, लेकिन केबिनें अवश्य हट गईं। इसके अलावा दुर्ग की अखे प्रोल के बाएं भाग में चुग्गाघर को हटा कर वहां पर्यटकों के खड़े रहने व बैठने की सुविधा का निर्माण करवाया गया है। इसी तरह से अखे प्रोल के आगे कई दशकों से स्थापित गोपा चौक टैक्सी स्टैंड को वहां से हटवाया जा चुका है। दूसरी तरफ वहां से लेकर रिंग रोड तक वाहनों की पार्किंग को हटाया गया है और अब पुराने नीरज बस स्टैंड पर वाहनों की पार्किंग करवाई जा चुकी है।
शहर के गोपा चौक में संचालित सब्जी मंडी को आने वाले दिनों में पार्क के पिछले हिस्से में शिफ्ट करवा दिया जाएगा। जिससे यह स्थान खुला-खुला हो सकेगा। सब्जी विक्रेताओं के लिए जरूरी सुविधाओं का विकास किया जाना है।
- लजपालसिंह सोढ़ा, आयुक्त, नगरपरिषद जैसलमेर
Published on:
23 Mar 2026 08:24 pm
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