
जैसलमेर नगरपरिषद चुनाव को लेकर शहर का सियासी पारा सोमवार को अपने उफान पर रहा। नामांकन दाखिल करने के अंतिम दिन रिटर्निंग अधिकारी कार्यालय के बाहर और समूचा कलेक्ट्रेट परिसर राजनीतिक गतिविधियों का मुख्य केंद्र बना रहा। अंतिम दिन अपना पर्चा दाखिल करने के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों से लेकर निर्दलीय उम्मीदवारों और उनके समर्थकों का ऐसा सैलाब उमड़ा कि पूरा परिसर छावनी और मेले के मिले-जुले रूप में तब्दील नजर आया।
नामांकन के अंतिम दिन सोमवार सुबह 9 बजे से ही कलेक्ट्रेट परिसर में हलचल शुरू हो गई थी। जैसे-जैसे दिन ढलता गया और घड़ी की सुइयां आगे बढ़ती गईं, कलेक्ट्रेट परिसर में प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की तादाद बढ़ती चली गई। दोपहर होते-होते स्थिति यह हो गई कि परिसर में जहां देखो, वहां तक उम्मीदवार और उनके समर्थक व अन्य शहरवासी नजर आए। नामांकन के आखिरी दिन किसी भी तरह की चूक से बचने के लिए अधिकांश प्रमुख राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रत्याशियों और निर्दलीयों ने सोमवार का ही दिन चुना। समर्थकों ने कई प्रत्याशियों को फूल मालाएं पहनाई और कुछ प्रत्याशी नारेबाजी के बीच पर्चा जमा करवाने पहुंचे।
नामांकन पत्र जमा कराने पहुंचे कई प्रत्याशियों ने अपने-अपने क्षेत्रों से कलेक्ट्रेट तक मिनी रैलियों और जुलूस के रूप में पहुंचकर जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। इस बार के नगरपरिषद चुनाव की सबसे खूबसूरत और खास तस्वीर महिला प्रत्याशियों के उत्साह के रूप में सामने आई। महिला उम्मीदवार न केवल बड़ी संख्या में नामांकन दाखिल करने पहुंचीं, बल्कि वे अपने समर्थकों का नेतृत्व करते हुए पूरे आत्मविश्वास और जोश के साथ नजर आईं। उनके साथ आई महिला समर्थकों की टोली भी चुनाव की कमान संभालती दिखी। अंतिम दिन उमडऩे वाली भारी भीड़ और संभावित टकराव या अव्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए जिला एवं पुलिस प्रशासन पहले से ही पूरी तरह से मुस्तैद नजर आया। कलेक्ट्रेट परिसर और रिटर्निंग अधिकारी कार्यालय के बाहर पुलिस का कड़ा और भारी बंदोबस्त तैनात किया गया था। कलेक्ट्रेट के प्रवेश द्वारों पर बैरिकेडिंग कर केवल प्रत्याशी और उनके अधिकृत प्रस्तावकों के अलावा चुनिंदा लोगों को ही अंदर जाने की अनुमति दी गई, ताकि नामांकन प्रक्रिया शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से संपन्न हो सके। आला पुलिस अधिकारी खुद मौके पर मौजूद रहकर स्थिति का जायजा लेते रहे और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करते नजर आए। इस चुनावी गहमागहमी के बाद अब जैसलमेर नगरपरिषद चुनाव की जंग पूरी तरह से मैदान में आ चुकी है, जहां अब सभी की नजरें नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी के दिन पर टिक गई हैं।