सरहदी जिले के मोहनगढ़ नहरी क्षेत्र में सोमवार दोपहर भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग सांखला 10 आरडी के पास वन पट्टी में लगी, जिसने तेज हवा के चलते देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग की चपेट में आने से करीब दो किलोमीटर क्षेत्र में फैली वनस्पति जलकर राख हो गई।
सरहदी जिले के मोहनगढ़ नहरी क्षेत्र में सोमवार दोपहर भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग सांखला 10 आरडी के पास वन पट्टी में लगी, जिसने तेज हवा के चलते देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग की चपेट में आने से करीब दो किलोमीटर क्षेत्र में फैली वनस्पति जलकर राख हो गई। आग से खेजड़ी एवं विलायती बबूल के बड़ी संख्या में पेड़ नष्ट हो गए। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची तथा दमकल विभाग को सूचना दी गई। वन विभाग के रेंजर सुरेश कुमार ढाका अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और आग बुझाने के प्रयास शुरू किए। दोपहर के समय लगी आग पर काबू पाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। देर शाम तक आग पर नियंत्रण पा लिया गया।
आग बुझाने के दौरान सबसे बड़ी समस्या नहर में पानी नहीं होने के कारण सामने आई। पानी की उपलब्धता नहीं होने से दमकल कर्मियों एवं वन विभाग को आग पर काबू पाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। स्थानीय ग्रामीणों ने भी आग बुझाने में सहयोग किया।
आग की सूचना पर पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुंचा और हालात पर नजर बनाए रखी। घटना के बाद मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। वन विभाग की ओर से नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना था कि दोपहर के समय हल्का धुआं उठ रहा था, क्योंकि इन दिनों खेतों में भी किसान कचरा जला रहे है, तो उन्होंने सोचा कि खेत में कोई कचरा जला रहा होगा। जब दोपहर 3 बजे के करीब जब आग की लपटें तेज होती दिखी, तो वे मौके पर पहुंचे और आग लगने की जानकारी वन विभाग व प्रशासन को सूचना दी गई। करीब 2 किलोमीटर परिधि में खेजड़ी व बबूल जलकर नष्ट हो गए। हवा के रुकने से आग बढ़ाना कम हो गई नहीं तो यह आग सांखला व नेहड़ाई तक पहुंच जाती।
ग्राम पंचायत खेलाना के पड़ीहारो की ढाणी में स्थित एक पड़वे में भीषण आग लग गई। ढाणी के फतेहसिंह के पड़वे में गैस सिलेंडर में लीक होने से अचानक आग लग गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इस दौरान तेज विस्फोट भी हुआ, जिससे भीषण आग लग गई। आग की लपटें ऊपर उठने एवं धुआं फैलने से आस पड़ोस से लोग एकत्रित हुए और रेत व पानी डालकर काबू करने का प्रयास किया, लेकिन आग तेज थी। जिसके बाद टैंकर बुलवाए गए और पास के नलकूपों से पाइप लाकर पानी डालकर दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू किया गया। भीषण आग में 4 बकरियों की जिंदा जल जाने से दर्दनाक मौत हो गई। आग से पड़वा, करीब डेढ़ लाख रुपए नकद जल गए। इसके साथ ही आटा चक्की, फ्रीज, बरतन, अनाज, तिरपाल सहित हजारों का सामान जल गया।