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जल संकट से जूझता काणोद…टैंकरों के भरोसे चल रही ग्रामीणों की जिंदगी

ग्रामीणों ने जिला कलक्टर जैसलमेर को ज्ञापन भेजकर शीघ्र स्थायी पेयजल व्यवस्था शुरू करवाने की मांग उठाई है।

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photo - patrika

मोहनगढ़ पंचायत समिति की ग्राम पंचायत काणोद इन दिनों गंभीर पेयजल संकट से जूझ रही है। गांव में करीब 200 घरों की आबादी होने के बावजूद नियमित पेयजल व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के बीच हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। ग्रामीणों ने जिला कलक्टर जैसलमेर को ज्ञापन भेजकर शीघ्र स्थायी पेयजल व्यवस्था शुरू करवाने की मांग उठाई है।

ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत काणोद अब तक जल जीवन मिशन योजना की पाइपलाइन से नहीं जुड़ सकी है। इसके कारण गांव में पानी का संकट लंबे समय से बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार पहले गांव की पेयजल व्यवस्था नहर से जुड़ी हुई थी, लेकिन करीब चार माह पहले नहर से होने वाली जलापूर्ति बंद कर दी गई। इसके बाद से गांव में पानी की समस्या और गंभीर हो गई। लोगों के साथ पशुओं को भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। स्थिति यह है कि ग्रामीणों को निजी टैंकरों से महंगे दामों पर पानी मंगवाना पड़ रहा है। ऐसे में ग्रामीणों पर अतिरिक्त आर्थिक भार बढ़ गया है।

ग्रामीण बोले- चाहिए स्थायी समाधान

ग्रामीणों ने मांग की है कि ग्राम पंचायत को जल्द जल जीवन मिशन योजना अथवा नलकूप से जोड़ा जाए, ताकि स्थायी समाधान हो सके। साथ ही पुराने नहर जल स्रोत से पुनः जलापूर्ति शुरू करने की भी मांग उठाई गई है।ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई करते हुए नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि गर्मी के मौसम में राहत मिल सके।

जलापूर्ति सुचारू कर दिलाएं राहत, सौंपा ज्ञापन

पोकरण भणियाणा क्षेत्र के गांवों में भीषण गर्मी के मौसम में बिगड़ी जलापूर्ति व्यवस्था के कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और विरोध प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन सुपुर्द किया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य रणवीरसिंह गोदारा, ग्राम पंचायत प्रशासक राजेंद्र जाखड़ के नेतृत्व में सुरेश कड़वासरा, सर्वाइराम, हेमाराम, ओमप्रकाश, मानाराम, सूजाराम, उमाराम, दौलतराम, आदुराम, लिखमाराम, नवलाराम, मूलाराम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जुलूस निकालकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने उपखंड अधिकारी कार्यालय और जलदाय विभाग कार्यालय के आगे विरोध जताया।

ग्रामीणों ने बताया कि डूंगरसर, चितरोड़ी, बल्लूसिंह की ढाणी, कानासर, चैनपुरा सहित पूरे क्षेत्र में जलापूर्ति व्यवस्था लड़खड़ाई हुई है। जिसके कारण महंगे दामों में पानी खरीदकर मंगवाना पड़ रहा है। जिसको लेकर कई बार अवगत करवाए जाने के बावजूद जिम्मेदारों की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने जलापूर्ति व्यवस्था सुचारू करने, जल जीवन मिशन योजना के तहत वंचित गांवों व ढाणियों को जोड़ने, जहां पाइपलाइन बिछा दी गई है वहां जलापूर्ति शुरू करने, टूटी पाइपलाइनों की मरम्मत करवाने, अतिरिक्त टैंकर लगवाकर अभावग्रस्त गांवों व ढाणियों में पानी पहुंचाने की मांग की। उन्होंने बताया कि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं होता है तो उनकी ओर से उग्र आंदोलन किया जाएगा।