जैसलमेर

जैसलमेर में रफी की 45वीं पुण्यतिथि पर स्वरलहरियों से सजी संगीतमयी रात

स्वर्णनगरी की सुरमई हवाओं में गुरुवार रात एक बार फिर मोहम्मद रफी की आवाज़ गूंज उठी।

less than 1 minute read
Aug 01, 2025

स्वर्णनगरी की सुरमई हवाओं में गुरुवार रात एक बार फिर मोहम्मद रफी की आवाज़ गूंज उठी। अवसर था पार्श्व गायक मोहमद रफी की 45वीं पुण्यतिथि का। गांधी कॉलोनी क्षेत्र में सुर संगम कला केन्द्र की ओर से संगीत श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें रफी के अमर गीतों से सजी रात श्रोताओं के दिलों में उतर गई।कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ। मुख्य मंच पर पवन सुदा व नवाब खां की उपस्थिति में सुरों का दीप जलाया गया। नवीन आचार्य व हेमंत शर्मा ने गणपति वंदना व लोकदेवता रामसा पीर के भजनों से संगीत यात्रा की शुरुआत की।.संध्या की मुख्य धारा बनी रफी के वे गीत, जो हर दिल की गहराई को छूते हैं। गोविंद भाटिया ने दिल तोड़ने वाले, लीलाधर दैया ने ग़म उठाने के लिए, साहिल ने मधुबन में राधिका, उमाशंकर ने खिलौना जानकर,, मुकद्दर गाड़ीवान ने मेरे मेहबूब तुझे सलाम प्रस्तुत कर श्रोताओं को सुरों की भावनाओं में डुबो दिया।.खेमराज सोनी, महावीर, जगदीश सुथार, परमानंद सोनी, योगेश कुमार, मुरलीधर खत्री, श्याम, ललित सुथार, तुलसीदास, गणपत दैया, नारायण शास्त्री और बाहर से आए मुकेश शर्मा ने भी एक से बढ़कर एक नग़मे सुनाकर देर रात तक माहौल को सुरमयी बनाए रखा। मंच संचालन यशपाल शर्मा ने किया, जबकि कार्यक्रम में लीलाधर दैया, गोविंद भाटिया, साहिल, उमाशंकर और जगदीश सुथार की विशेष भूमिका रही।

Published on:
01 Aug 2025 08:55 pm
Also Read
View All

अगली खबर