900 साल पुराना जैसलमेलर के सोनार किले के एक हिस्से की दीवार ढह गई है।यह विश्व धरोहर सूची में भी शामिल है।
जैसलमेर के ऐतिहासिक सोनार किले के एक हिस्से की दीवार ढह गई है। करीब 900 साल पुराना यह किला जैसलमेर का प्रमुख आकर्षण केंद्र है। यह विश्व धरोहर सूची में भी शामिल है। विश्व धरोहरों की फेहरिस्त में शामिल ऐतिहासिक जैसलमेर किले के परकोटे की दीवारें पहले से ही हिलने लगी थी। इसको लेकर स्थानीय प्रशासन को शिकायत भी मिली थी, लेकिन इस मामले को लेकर प्रशासन ने गंभीरता नहीं दिखाई। अब किले का एक हिस्सा ढहने के बाद पुलिस ने फिलहाल उस हिस्से में प्रवेश पर रोक लगा दी है। बता दें कि यह ऐतिहासिक किला 250 फीट ऊंचे पर्वत पर बना हुआ है। किले में कुल चार प्रवेश द्वार है, जिनमें से हर एक द्वार पर तोपे भी लगी हुई हैं। इस किले में कुछ हवेलियां भी हैं, जिनमें पटवाओं की हवेली, नथमल की हवेली, सलाम सिंह की हवेली शामिल हैं।
दरअसल, जिले में पिछले तीन दिनों से भारी बारिश का दौर जारी है। मंगलवार को रुक-रुक कर वर्षा का दौर चलने से जैसलमेर शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया और सडक़ें पूरी तरह से तरबतर हो गईं। शहर में सुबह, दोपहर, अपराह्न, शाम तक कभी तेज तो कभी धीमी गति की बारिश से चहुंओर पानी-पानी के हालात बन गए हैं। इसी तरह से जिले के पोकरण, रामदेवरा, मोहनगढ़, नाचना, फतेहगढ़ आदि क्षेत्रों में भी बादल जमकर बरसे। इस वजह से सोमवार के बाद मंगलवार को भी जिले के सभी सरकारी, गैर-सरकारी और प्ले स्कूलों में कक्षा 1 से 12 तक अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए अवकाश रहा। मौसम विभाग ने मंगलवार को भी जिले में देर शाम को हल्की बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।