बीमार बच्चे के उपचार को लेकर कथित तौर पर मना करने पर मामले ने तूल पकड़ लिया। बुधवार रात्रि करीब 11 बजे रामगढ़ निवासी चतराराम भील अपने बच्चे की तबीयत खराब होने पर जांच करवाने अस्पताल पहुंचा, वहां डयूटी पर तैनात चिकित्साकर्मी ने उपचार करने से इनकार कर दिया।
बीमार बच्चे के उपचार को लेकर कथित तौर पर मना करने पर मामले ने तूल पकड़ लिया। बुधवार रात्रि करीब 11 बजे रामगढ़ निवासी चतराराम भील अपने बच्चे की तबीयत खराब होने पर जांच करवाने अस्पताल पहुंचा, वहां डयूटी पर तैनात चिकित्साकर्मी ने उपचार करने से इनकार कर दिया। उसके बाद वह चिकित्सक के क्वार्टर और बच्चे की जांच कर दवाई देने की गुहार लगाई। आरोप है कि चिकित्सक ने चिकित्साकर्मी को उपचार करने को कहा तो चिकित्साकर्मी ने उनकी भी बात नहीं मानी। तब चिकित्साकर्मी के रवैये से गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में हंगामा कर दिया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और हंगामा कर रहे लोगों से समझाईस कर मामला शांत करवाया। वहां मौजूद लोगों ने चिकित्साकर्मी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
बीमार बच्चे के पिता चतुराराम भील ने पुलिस थाना रामगढ़ में रिपोर्ट पेश कर बताया कि उसके पांच वर्षीय पुत्र हाथीराम की तबीयत खराब होने पर वह उसे अस्पताल ले गया तो वहां ड्यूटी पर बैठे कम्पाउंडर पदमसिंह ने उपचार करने मना कर दिया और जातिसूचक शब्दों से अपमानित करते हुए अस्पताल से बाहर निकाल दिया। उसके बाद चतुराराम भील ने डॉ. आलोक को नींद से जगाकर अपने बच्चे का उपचार करवाया।