पर्यटन और सामरिक और ऊर्जा उत्पादन महत्व वाले जैसलमेर जिले के लिए हवाई कनेक्टिविटी को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। हाल ही में जयपुर के लिए सप्ताह में दो दिन हवाई सेवा शुरू की गई है।
पर्यटन और सामरिक और ऊर्जा उत्पादन महत्व वाले जैसलमेर जिले के लिए हवाई कनेक्टिविटी को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। हाल ही में जयपुर के लिए सप्ताह में दो दिन हवाई सेवा शुरू की गई है। गत रविवार को जयपुर से 78 सीटर विमान से एलायंस एयर ने जैसलमेर के लिए विमान सेवा शुरू की। अब अगला विमान गुरुवार को आवाजाही करेगा। गर्मियों में बंद पड़ी विमान सेवा के एक बार पुन: शुरू होने से लोगों में संतोष तो है लेकिन स्थानीय बाशिंदों, व्यापारिक संगठनों और विशेषज्ञों का मानना है कि जयपुर के बजाय अहमदाबाद को हवाई सेवा से जोडऩा ज्यादा लाभकारी साबित हो सकता था। उनका तर्क है कि जयपुर के लिए पहले से ही बस और रेल सेवाओं की पर्याप्त उपलब्धता है, ऐसे में फ्लाइट का प्रभाव सीमित रहेगा, जबकि अहमदाबाद के लिए सीधी हवाई कनेक्टिविटी बड़ी जरूरत के रूप में सामने आती है।
जैसलमेर से जयपुर के बीच सडक़ और रेल नेटवर्क अपेक्षाकृत काफी मजबूत है। रोजाना कई रोडवेज और निजी क्षेत्र की बसें और तीन ट्रेनों का संचालन होता है, जिससे यात्रियों को पर्याप्त विकल्प मिल जाते हैं। समय और लागत के लिहाज से भी यह कनेक्टिविटी आम लोगों के लिए सुविधाजनक मानी जाती है। ऐसे में जयपुर के लिए शुरू की गई हवाई सेवा से अपेक्षित यात्री संख्या जुटाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। जानकारों का कहना है कि हवाई यात्रा अपेक्षाकृत महंगी होने के कारण केवल सीमित वर्ग ही इसका लाभ उठा पाएगा।
इसके विपरीत, अहमदाबाद एक प्रमुख व्यावसायिक, औद्योगिक और स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र है। जैसलमेर और आसपास के क्षेत्रों के बड़ी संख्या में लोग व्यापार, चिकित्सा और शिक्षा के लिए अहमदाबाद का रुख करते हैं। जैसलमेर के सैकड़ों परिवार वहां स्थाई रूप से निवास करते हैं। जिन्हें त्वरित आवाजाही की सुविधा विमान से मिल सकती है। ऐसे ही आए दिन जैसलमेर के लोग ह्रदयाघात और अन्य बड़ी बीमारियों के उपचार के लिए एम्बुलेंस लेकर अहमदाबाद ही जाते हैं। वर्तमान में वहां पहुंचने के लिए लंबी रेल या बस यात्रा करनी पड़ती है, जिसमें काफी समय लगता है। यदि अहमदाबाद के लिए सीधी हवाई सेवा शुरू होती है तो यह समय की बचत के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास को भी गति दे सकती है। विशेषकर पर्यटन क्षेत्र को भी इसका फायदा मिलने की संभावना जताई जा रही है, क्योंकि गुजरात से बड़ी संख्या में पर्यटक जैसलमेर आते हैं।
व्यापार मंडल, पर्यटन व्यवसायी और जनप्रतिनिधि लगातार इस मांग को उठा रहे हैं कि जैसलमेर को अहमदाबाद से हवाई मार्ग से जोड़ा जाए। उनका कहना है कि इससे न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा। कई कारोबारियों का मानना है कि अहमदाबाद से सीधी उड़ान शुरू होने पर व्यापारिक संबंध और मजबूत होंगे और निवेश के नए अवसर भी पैदा होंगे।
क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना के तहत यदि मांग और व्यवहार्यता का सही आंकलन किया जाए तो अहमदाबाद रूट अधिक सफल और टिकाऊ साबित हो सकता है। विगत दो विंटर शेड्यूल में भी जैसलमेर को अहमदाबाद से नहीं जोड़ा गया, अन्यथा पर्यटन को भी और बढ़ावा मिलता।
- अखिल भाटिया, ट्रेवल एजेंट
जैसलमेर और अहमदाबाद के बीच हवाई सेवा शुरू की जाए तो यह प्रत्येक वर्ग के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। इसके अलावा विमानन कम्पनी को भी अच्छा यात्री भार मिल सकेगा। जैसलमेर के सैकड़ों परिवार अहमदाबाद और उससे आगे सूरत में निवास करते हैं।
- राकेश कुमार चांडक, स्थानीय निवासी