-लपकावृत्ति से जुड़े कई लोग पहुंचे सलाखों के पीछे-हरकत में आए जिम्मेदार तो आगे आए पर्यटन व्यवसायी भी
जैसलमेर. जैसलमेर पर्यटन के लिए नासूर बन गए लपकों के खिलाफ राजस्थान पत्रिका की ओर से चलाए गए अभियान 'क्यों पधारे हारे देशÓ का व्यापक असर देखने को मिला है। पत्रिका की ओर से लपकों की समस्या को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद राज्य विधानसभा में सरकार की तरफ से विधेयक भी पारित करवाया गया। जिसमें लपकावृत्ति की पुनरावृत्ति करने वाले तत्वों के खिलाफ कानून को सख्त बनाया गया है। ऐसे ही विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर स्वयं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने संदेश में राजस्थान पर्यटन को लपकों से पूर्णतया मुक्त बनाने की बात कही। दूसरी तरफ जैसलमेर में पुलिस प्रशासन हरकत में आया तथा जैसलमेर से लेकर सम तक के क्षेत्र में गत दिनों के दौरान कई लपकों को गिरफ्त में लिया गया।
लपकों के पीछे पड़ी पुलिस
पत्रिका की तरफ से चलाए गए अभियान के बाद पुलिस ने लपकों के खिलाफ धरपकड़ जोर-शोर से चलाते हुए कई जनों को पकड़ा। जिससे जोधपुर-जैसलमेर और बाड़मेर-जैसलमेर मार्गों पर लपके फिलहाल तो लगभग सिमट गए। इसी तरह से सम मार्ग पर दामोदरा से कनोई और सम सेंड ड्यून्स तक के मार्ग में लपकों का बना रहने वाला जमघट इन दिनों खासा कम हो गया। सम थाना पुलिस की तरफ से भी एक अलग टीम बनाई गई है। सम थानाधिकारी ऊर्जाराम ने बताया कि सम पुलिस का एक दल निरंतर पूरे मार्ग में गश्त कर रहा है। लपकों के खिलाफ पिछले दिनों के दौरान तीन मुकदमें दर्ज किए गए हैं। ऐसे ही जैसलमेर शहर कोतवाल प्रेमदान चारण ने बताया कि पुलिस ने लपका तत्वों की रोकथाम व धरपकड़ के लिए एक विशेष दल गठित किया है। जो निरंतर कार्रवाई कर रहा है।
पुलिस सक्रिय, व्यवसायी जागरुक
पत्रिका अभियान से एक तरफ पुलिस महकमा हरकत में आया वहीं पर्यटन से जुड़े व्यवसायी भी लपकों के खिलाफ एकजुट हो रहे हैं। जिला पुलिस अधीक्षक अजयसिंह ने सम थाना पहुंचकर विशेष बैठक की। जिसके बाद पुलिस हरकत में आई। वहीं रिसोर्ट, हैंडीक्राफ्ट, होटल व्यवसायियों सहित पर्यटन से जुड़े अन्य लोगों में भी लपकों के खिलाफ माहौल बना है। पर्यटन व्यवसायियों ने प्रत्येक स्तर की लपकावृत्ति पर कड़ाई से रोकथाम के लिए शासन-प्रशासन से गुहार लगाई है। इस क्षेत्र से जुड़े लोगों ने अपने स्तर पर लपका तत्वों के कई वीडियो भी बनाकर प्रसारित किए। सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर वातावरण निर्माण किया। लपकों का सहारा लेने वाले व्यवसायियों के खिलाफ भी अधिकांश पर्यटन क्षेत्र लामबंद हुआ। उन्होंने पत्रिका की मुहिम को खूब सराहा और इस संबंध में प्रकाशित हुए सिलसिलेवार समाचारों का प्रचार-प्रसार भी किया।