जैसलमेर

jaisalmer: पार्किंग ठेके की आड़ में मनमानी, जैसलमेर में पर्यटकों की जेब और सब्र दोनों पर वार

पर्यटन नगरी जैसलमेर में सैलानियों को सोनार दुर्ग देखने से पहले ही अव्यवस्थित पार्किंग और बेतरतीब यातायात का सामना करना पड़ रहा है। नगर परिषद द्वारा निर्धारित स्थानों से इतर ढिब्बा पाड़ा जैसे इलाकों में अवैध पार्किंग और मनमानी वसूली के गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं। ठेका नियमों की धज्जियां उड़ने और बिना पर्याप्त व्यवस्था के गाड़ियां भेजने से शहर में जाम के हालात बन रहे हैं, जिससे पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
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Updated: 2 Nov 2026, 9:17 PM IST
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जैसलमेर. पुराने किला पार्किंग स्थल पर शुल्क वसूलने के लिए तैनात कार्मिक।

केस 1

जैसलमेर घूमने के लिए गुजरात के भुज क्षेत्र का दीना भाई का परिवार पहुंचा। पार्किंग शुल्क चुकाने के बाद भी वाहन खड़ा करने की उन्हें उचित जगह नहीं मिली। जब इस बारे में कार्मिकों से बात करनी चाही तो सही जवाब नहीं मिला।

केस 2

मध्यप्रदेश के रतलाम निवासी पर्यटक रमेशचंद्र जैन को पार्किंग कर्मियों के रुखे रवैये ने हैरान कर दिया। जब उनसे पूछा गया कि एक जगह पर पार्किंग की रसीद कटवा दी तो अब क्यों ली जा रही है, इसका उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।

केस 3

जैसलमेर निवासी कूम्पसिंह ने बताया कि पार्किंग स्थल पर उन्हें ही टोल देने के लिए कह दिया गया, जबकि स्थानीय बाशिंदों को छूट मिली हुई है। विरोध करने पर पार्किंग वाले बिना रसीद काटे एंट्री देने को राजी हुए।

यह कुछ बानगियां हैं। दरअसल, पर्यटननगरी जैसलमेर में पर्यटकों का स्वागत अब पार्किंग की परेशानी और कथित मनमानी वसूली से हो रहा है। सोनार दुर्ग देखने की चाह लेकर आने वाले सैलानी शहर में पहुंचते ही कार कहां खड़ी करें, इसी उलझन में फंस रहे हैं। पार्किंग के नाम पर पैसे वसूलने की शिकायतें हैं, लेकिन सुविधा के नाम पर अव्यवस्था। ढिब्बा पाड़ा में सडक़ों पर बेतरतीब खड़ी कारें, वाहनों का जमघट और यातायात में बाधा इस व्यवस्था की पोल खोल रहे हैं। नगरपरिषद ने नीरज बस स्टैंड, मलका प्रोल और बाड़मेर मार्ग पर पार्किंग के ठेका स्थल निर्धारित किए हुए हैं, लेकिन निर्धारित स्थानों के अलावा दूसरे इलाकों में पार्किंग और वसूली का खेल कैसे चल रहा है ? ठेका दस्तावेज में नियमों की लंबी सूची है, लेकिन सडक़ों पर उनकी पालना करवाने वाला नजर नहीं आता। नगरपरिषद ने तीन निर्धारित स्थानों पर पार्किंग संचालन का ठेका दिया है। इसके बावजूद ढिब्बा पाड़ा और गत वर्ष हटाई गई किला पार्किंग में वाहनों की बेतरतीब पार्किंग और वसूली की शिकायतें सामने आ रही हैं। शिकायत में आरोप है कि अधिक कमाई के लालच में कई कारों को एक साथ भेज दिया जाता है, जबकि पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होती। इससे जाम के हालात बनते हैं। सवाल यह है कि निर्धारित स्थल से बाहर पार्किंग करवाने की अनुमति किसने दी ?

ठेका दस्तावेज में पाबंदियां, फिर लगाम लगाएगा कौन ?

नगरपरिषद के ठेका दस्तावेज में पार्किंग संचालन के नियम स्पष्ट हैं। निर्धारित पार्किंग स्टैंड की सीमा में खड़े वाहनों से ही शुल्क लिया जा सकता है। ठेकेदार को प्रमाणित टिकट और रसीद देनी होगी। दरों का बोर्ड लगाना अनिवार्य है। पार्किंग स्थल की सुरक्षा, सफाई और यातायात व्यवस्था की जिम्मेदारी भी ठेकेदार की है। शर्तों में यह भी स्पष्ट है कि एक पार्किंग स्थल पर शुल्क लेने के बाद तीनों स्थलों पर अलग-अलग शुल्क नहीं वसूला जा सकेगा। उल्लंघन पर ठेका निरस्त करने और जमानत राशि जब्त करने तक का प्रावधान है। बावजूद इसके हकीकत यह है कि इन नियमों की धरातल पर जांच नहीं की जा रही है।

अनियमितता बरतने पर कार्रवाई

जैसलमेर नगरपरिषद की ओर से तीन जगहों के लिए पार्किंग ठेका जारी किया हुआ है। निर्धारित शर्तों की अवहेलना की जाती है तो कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान में नीरज बस स्टैंड पार्किंग स्थल की बजाय पिछले वर्ष हटाए गए किला पार्किंग पर वाहन खड़े करवाए जा रहे हैं। जैसे ही जरूरत के मुताबिक पुलिस व होमगाड्र्स की सेवाएं मिलेंगी, इसे स्थानांतरित करवाया जाएगा।

- पवन कुमार, आयुक्त, नगरपरिषद, जैसलमेर

Updated on:
2 Nov 2026, 9:17 PM IST
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