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jaisalmer: तीन माह तक जिंदगी की जंग लड़ने के बाद प्रेमाराम ने तोड़ा दम

तीन महीने तक अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करते रहे सोढ़ाकोर निवासी प्रेमाराम आखिरकार जिंदगी की जंग हार गए। 18 अगस्त को सेना के ट्रक से कैंपर की भीषण भिड़ंत में गंभीर घायल हुए प्रेमाराम का जोधपुर में उपचार चल रहा था। पैर में संक्रमण फैलने से हालत बिगड़ती गई और शनिवार शाम उन्होंने अंतिम सांस ली, गांव में शोक छा गया।
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जैसलमेर

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Deepak Vyas

•

Updated: 1 Nov 2026, 8:41 PM IST

prema ram

मृतक प्रेमाराम

लाठी (जैसलमेर). सड़क हादसे में गंभीर घायल हुए सोढ़ाकोर निवासी प्रेमाराम (45) की तीन महीने तक जिंदगी की जंग लड़ने के बाद शनिवार शाम मौत हो गई। जोधपुर के सरकारी अस्पताल में उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। हादसे के बाद से ही प्रेमाराम अस्पताल में भर्ती थे। पैर में गंभीर चोट के बाद संक्रमण फैलने से उनकी हालत लगातार चुनौतीपूर्ण बनी रही। निधन की खबर मिलते ही सोढ़ाकोर गांव सहित आसपास के क्षेत्र में शोक छा गया। इसी तरह 18 अगस्त को सेना का एक ट्रक लाठी कस्बे से राष्ट्रीय राजमार्ग-11 होते हुए एमईएस की ओर जा रहा था। एमईएस फांटे के पास ट्रक दाईं ओर मुड़ रहा था।

सेना के ट्रक से टकराकर पलटा कैंपर, हादसे में गंभीर घायल हुए थे तीन लोग

इसी दौरान पीछे से सोढ़ाकोर की ओर जा रहा कैंपर सेना के ट्रक के पिछले हिस्से से टकरा गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि कैंपर अनियंत्रित होकर तीन-चार बार पलटा और हाईवे पर जा गिरा। हादसे में कैंपर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और प्रेमाराम सहित तीन लोग गंभीर घायल हो गए। हादसे के तुरंत बाद तीनों घायलों को उपचार के लिए जोधपुर रेफर किया गया। उपचार के दौरान दो घायलों की हालत में सुधार होने पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, लेकिन प्रेमाराम की चोट गंभीर थी। पैर में संक्रमण फैलने के कारण उनका लंबे समय तक उपचार चलता रहा। चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद शनिवार शाम उनकी जिंदगी की जंग समाप्त हो गई।

दो बेटों के सिर से उठा पिता का साया

प्रेमाराम अपने पीछे पत्नी और दो बेटों को छोड़ गए हैं। बड़ा बेटा 18 वर्ष का है, जबकि छोटा बेटा अभी महज 10 वर्ष का है। पिता की मौत से दोनों बच्चों के सिर से साया उठ गया। परिवार की जिम्मेदारी अब पत्नी के साथ दादा-दादी पर आ गई है। तीन महीने तक अस्पताल में उपचार और बेहतर होने की उम्मीद के बीच परिवार को आखिरकार अपनों को खोने का गहरा दु:ख झेलना पड़ा। सोढ़ाकोर में परिवार के घर पर शोक का माहौल है।