
रामदेवरा ( जैसलमेर ). दस दिन की छुट्टी लेकर पंजाब के पठानकोट से अपने घर रामदेवरा लौट रहे सेना के जवान मोतीसिंह तंवर की सड़क हादसे में मौत हो गई। घर पहुंचने से करीब 40 किलोमीटर पहले कलरा गांव के पास बाइक दुर्घटनाग्रस्त होने से वे गंभीर घायल हो गए थे। फलोदी में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जोधपुर रेफर किया गया, जहां गुरुवार रात उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। शुक्रवार को मोतीसिंह का पार्थिव शरीर रामदेवरा पहुंचा। शाम को अंतिम यात्रा निकाली गई। सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। यूनिट के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर अपने साथी जवान को अंतिम विदाई दी। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण, परिजन, जनप्रतिनिधि और सेना के अधिकारी शामिल हुए। जवान की मौत की सूचना के बाद क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
मोतीसिंह पंजाब के पठानकोट स्थित 24 राजस्थान राइफल बटालियन में तैनात थे। वे 30 सितंबर को दस दिन की छुट्टी लेकर रामदेवरा के लिए रवाना हुए थे। फलोदी पहुंचने पर उनकी मुलाकात मामा के बेटे जसवंत सिंह से हुई। इसके बाद उन्होंने बस से आगे का सफर नहीं किया और जसवंत सिंह के साथ बाइक से रामदेवरा के लिए रवाना हो गए। रामदेवरा से करीब 40 किलोमीटर पहले कलरा गांव के पास बाइक अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में दोनों घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए पहले फलोदी ले जाया गया। मोतीसिंह की हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें जोधपुर रेफर कर दिया। जोधपुर में उपचार के दौरान गुरुवार रात उन्होंने दम तोड़ दिया।
हादसे की सूचना मिलने के बाद परिजनों ने मोतीसिंह की बटालियन के अधिकारियों को घटना की जानकारी दी। शुक्रवार को सेना के जवान उनका पार्थिव शरीर लेकर रामदेवरा पहुंचे। इसके बाद सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी हुई।सेना के अधिकारी महेंद्र सिंह सहित यूनिट के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर अपने साथी को अंतिम विदाई दी। पोकरण विधायक महंत प्रताप पुरी, रामदेवरा प्रशासक समंदर सिंह सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण अंतिम संस्कार में शामिल हुए। मोतीसिंह की आकस्मिक मौत से परिवार और ग्रामीणों में शोक व्याप्त है। छुट्टी लेकर घर लौट रहे जवान की राह में हुआ हादसा पूरे क्षेत्र के लिए गहरा आघात बन गया।