जैसलमेर

सावधान! असावधानी फिर न बने परेशानी

- परमाणु नगरी में मिला था जिले का पहला कोरोना मरीज- अब लापरवाही से फिर कोरोना बढऩे का खतरा

2 min read
Nov 25, 2021
सावधान! असावधानी फिर न बने परेशानी

पोकरण. गत एक माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन डेंगू का प्रकोप लगातार जारी है। इस डेंगू के खतरे के बीच कोरोना के फिर बढऩे का खतरा नजर आ रहा है। जैसलमेर में बीते दिनों चार संक्रमितों के मिलने के बाद लोगों में पुन: कोरोना का भय दिख रहा है। हालांकि पोकरण के राजकीय अस्पताल में सैम्पल लिए जा रहे है, लेकिन सैम्पल की संख्या कम है। गौरतलब है कि वर्ष 2020 में देशभर में कोरोना का दौर शुरू हुआ। वर्ष 2021 की शुरुआत के साथ कोरोना का प्रकोप फिर बढ़ा और साधारण जनजीवन को झकझोर कर रख दिया। पहली व दूसरी लहर में सरकार की ओर से लॉकडाउन भी किया गया। गत जून व जुलाई माह तक कोरोना का प्रकोप रहा। दो-तीन माह की शांति के बाद अब पुन: कोरोना की आशंका बढ़ गई है।
कोरोना के बढऩे का खतरा
क्षेत्र में गत एक माह से डेंगू का प्रकोप चल रहा है। अक्टूबर माह से डेंगू का प्रकोप इस कदर हैै कि अस्पताल में बैड नहीं मिल पा रहे है। जिले में डेंगू के कारण कई लोगों की मौत भी हो चुकी है। ऐसे में कोरोना के बढऩे का खतरा फिर उभरने लगा है। जिससे आमजन में भय भी बढ़ रहा है।
सैम्पलिंग हो गई कम
कोरोना के प्रकोप के समय चिकित्सा विभाग की ओर से शिविर लगाकर तथा घर-घर सर्वे कर सैम्पल लिए जा रहे थे, लेकिन गत दो माह से मात्र चिकित्सक की परामर्श पर ही सैम्पल लिए जा रहे है। कस्बे के उपजिला चिकित्सालय में प्रतिदिन सर्दी व बुखार के मरीजों की भीड़ उमड़ रही है। जिनमें से मात्र कुछ मरीजों की कोरोना जांच की जा रही है। अन्य मरीजों के मलेरिया, डेंगू आदि की जांच कर उपचार किया जा रहा है।
भीड़ व लापरवाही बढ़ा न दे कोरोना
मौसम परिवर्तन के साथ क्षेत्र में बुखार, सर्दी, जुकाम के साथ डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। राजकीय उप जिला चिकित्सालय में मरीजों की प्रतिदिन भीड़ उमड़ रही है। अस्पताल में कोविड गाइडलाइन की पालना नहीं होने के कारण मरीज एक साथ बिना मास्क खड़े नजर आते है। ऐसे में मरीजों की भीड़ व लापरवाही कोरोना को न्यौता दे रही है। बावजूद इसके जिम्मेदारों की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
10 दिनों में लिए मात्र 124 जनों के सैम्पल
कोरोनाकाल के दौरान अस्पताल प्रशासन की ओर से प्रतिदिन 50 से अधिक सैम्पल लिए जा रहे थे। साथ ही उन सैम्पल प्रतिदिन स्क्र्रीनिंग के बाद जैसलमेर भिजवाए जाते थे तथा उसकी रिपोर्ट भी जल्दी मिल जाती थी, लेकिन अब नाममात्र के सैम्पल लिए जा रहे है। जिन्हें भी काफी सैम्पल एकत्रित होने के बाद जांच के लिए भिजवाया जा रहा है। गत 10 दिनों के सैम्पल के आंकड़ों पर नजर डालें, तो मात्र 124 जनों के सैम्पल लिए गए है। ऐसे में कोरोना के मरीजों की पहचान भी नहीं हो पा रही है।
दिनांकवार सैम्पल की रिपोर्ट

दिनांक लिए गए सैम्पल
15 नवंबर 20
16 नवंबर 13
17 नवंबर 11
18 नवंबर 04
19 नवंबर 00
20 नवंबर 13
21 नवंबर 13
22 नवंबर 10
23 नवंबर 10
24 नवंबर 30
किए जा रहे है पुख्ता प्रबंध
क्षेत्र में कोरोना की रोकथाम को लेकर विभाग की ओर से पुख्ता प्रबंध किए जा रहे है। संदिग्ध लगने पर मरीजों के सैम्पल लिए जाते है। यदि कोरोना के मरीज बढ़ते है, तो ऑक्सीजन प्लांट, अलग से वार्ड आदि सभी व्यवस्थाएं चाक चौबंद की गई है।
- डॉ.अनिल गुप्ता, प्रभारी राजकीय उपजिला चिकित्सालय, पोकरण।

Published on:
25 Nov 2021 07:53 pm
Also Read
View All