जैसलमेर

जिस आयुष्मान कार्ड से मिलता है 5 लाख का निशुल्क इलाज, उसे लेकर आई ऐसी बड़ी खबर

सामाजिक, आर्थिक जनगणना 2011 में पात्र परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए सरकार के निर्देश पर चिकित्सा विभाग की ओर से ई-केवाइसी की जा रही है। जबकि नए परिवारों व सदस्यों के कार्ड नहीं बनने व ई-केवाइसी नहीं होने के कारण उन्हें परेशानी हो रही है।

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Feb 02, 2024
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सामाजिक, आर्थिक जनगणना 2011 में पात्र परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए सरकार के निर्देश पर चिकित्सा विभाग की ओर से ई-केवाइसी की जा रही है। जबकि नए परिवारों व सदस्यों के कार्ड नहीं बनने व ई-केवाइसी नहीं होने के कारण उन्हें परेशानी हो रही है। साथ ही योजना का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। केन्द्र सरकार की ओर से आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना चलाई जा रही है। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद राजस्थान में भी आयुष्मान कार्ड बनाने और पात्र परिवारों के ई-केवाइसी का कार्य शुरू किया गया है। इस योजना के अंतर्गत वर्ष 2011 की सर्वे में शामिल परिवारों को ही ई-केवाइसी की जा रही है। नए परिवारों के आयुष्मान कार्ड नहीं बनने के कारण ग्रामीणों को योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।

योजना के अंतर्गत अभी तक उन लोगों की ही ई-केवाइसी की जा रही है, जो वर्ष 2011 की जनगणना में शामिल है। ऐसे में वंचित श्रेणी के लोगों के आयुष्मान कार्ड बनेंगे या नहीं, इसको लेकर सरकार की ओर से अभी तक कोई गाइडलाइन जारी नहीं की गई है। जिससे आमजन में नि:शुल्क उपचार की सुविधा को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कई ऐसे परिवार है, जो इस सर्वे में शामिल नहीं है, वे परिवार इस योजना से बाहर हो गए है।

2.87 लाख बनेंगे कार्ड
केन्द्र सरकार की ओर से यह योजना 2018 में शुरू की गई थी। जिले में 2.87 लाख आयुष्मान कार्ड बनाए जाएंगे। जिले में अब तक 1 लाख 32 हजार 539 कार्ड बनाए जा चुके है। आयुष्मान कार्ड परिवार के हर सदस्य का बनता है। 1 से 5 वर्ष तक के बच्चों का उपचार माता-पिता के कार्ड से हो सकता है। आयुष्मान कार्ड से देश के किसी भी सरकारी या निजी अस्पताल में 5 लाख तक का नि:शुल्क इलाज करवाया जा सकता है।

नहीं जुड़ा नाम
सामाजिक एवं आर्थिक जनगणना 2011 के समय वह संयुक्त परिवार में शामिल था। शादी होने के बाद अलग राशन कार्ड बनवाने से सामाजिक एवं आर्थिक जनगणना 2011 में नाम नहीं आया। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में भी नाम नहीं जुड़ा हुआ है। लघु सीमांत कृषक श्रेणी में आता हूं। विकसित भारत संकल्प यात्रा के शिविर, ई-मित्र, अस्पताल, आंगनबाड़ी केन्द्र में आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए गया था, वहां केवल ई-केवाइसी हो रही थी। नए आयुष्मान कार्ड नहीं बन रहे थे। जिससे निराश होकर लौटना पड़ा। मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में भी इडब्ल्यूएस श्रेणी के परिवारों का नि:शुल्क पंजीयन नहीं हो रहा है। बीमा को रिन्यू करवाने में भी परेशानी आ रही है। शिकायत की गई है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
- हरुराम वानर, निवासी, रामदेवरा

Published on:
02 Feb 2024 11:51 am