मनी लॉड्रिंग मामला... नीरव मोदी की 52.80 करोड़ का विंड फर्म होगा सीज!
ईडी की टीम के जैसलमेर पहुंचने की सूचना, पीएनबी को हजारों करोड़ का हड़पने का आरोपित है नीरव
जैसलमेर. राष्ट्रीयकृत पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) से 13 हजार करोड़ रुपए हड़प कर विदेश भाग जाने वाले नीरव मोदी पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपना शिकंजा कसते हुए जैसलमेर जिले में उसकी फर्म की ओर से संचालित पवन ऊर्जा संयंत्रों को सीज करने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। सूत्रों के अनुसार ईडी की टीम मुम्बई से जैसलमेर पहुंच चुकी है और यहां उसकी 52.80 करोड़रुपए की विंड फार्म को चिह्नित किया गया है। देश भर में उसकी सम्पत्तियों को कब्जे में लाने की कार्रवाई की जा रही है। इस सम्पत्ति को संभवत: एक दो दिन में ईडी की ओर से सीज कर दिया जाएगा। हालांकि ईडी की जैसलमेर में की जा रही कार्रवाईपर आधिकारिक रूप से प्रशासन की ओर से पुष्टि नहीं की जा रही है। जानकारी मिली है कि प्रवर्तन निदेषालय की कुछ अधिकारियों की टीम ने जैसलमेर में डेरा डाला हुआ है।
सम्पत्तियों को किया था अटैच
गौरतलब है कि नीरव मोदी के मामले में जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने सीमावर्ती जैसलमेर जिले में नीरव मोदी की कुल 52.80 करोड़ की विंड फार्म प्रोपर्टी को पीएमएलए एक्ट के तहत अटैच किया था। यह विंड फार्म जिले के आकल-जोधा मार्ग पर विंड वल्र्ड की साइट पर बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक नीरव मोदी ने चार कम्पनियों के मार्फत जैसलमेर में 12 पवन चक्कियां लगा रखी हैं। जैसलमेर स्थित विंड फार्म पर 9.6 मेगावाट पावर की 12 मशीनों में कुल 52.80 करोड़ का निवेश बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार इन 12 मशीनों को एमएस सोलर एक्सपोट्र्स, मैसर्स स्टेलर डायमंड, मैसर्स डायमंड आर यूएस और मैसर्स नीशल मर्चेन्डिजिंग प्राइवेट लिमिटेड के नाम से लिया बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार पीएनबी मनी लोड्रिंग मामले में इनमें से पहली तीन कम्पनियों के कथित तौर पर सामने आने की जानकारी मिलने पर जैसलमेर में भी इन कम्पनियों के निवेष की जांच की गई। जिसके बाद 12 मशीनों को अटैच किया गया है।