जैसलमेर

सरहद के तनोट क्षेत्र में 1000 बांस के पौधों का रोपण कर ऐतिहासिक मुहिम का श्रीगणेश

-'आजादी के अमृत महोत्सवÓ के उपलक्ष्य में खादी बांस महोत्सव का आयोजन-खादी व ग्रामोद्योग आयोग और सीमा सुरक्षा बल की संयुक्त पहल

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Jul 28, 2021
सरहद के तनोट क्षेत्र में 1000 बांस के पौधों का रोपण कर ऐतिहासिक मुहिम का श्रीगणेश

जैसलमेर. पाक सीमा से सटा सरहदी जैसलमेर जिले का तनोट क्षेत्र मंगलवार को रेगिस्तान को नखलिस्तान बनाने की संकल्पना को साकार बनाने की ऐतिहासिक मुहिम का साक्षी बना। देश भर में सरहदी क्षेत्रों के लिए शुरू की गई बांस के पौधे लगाने की मुहिम का आगाज जैसलमेर जिले के ख्यातनाम दर्शनीय स्थल तनोट क्षेत्र से हुआ। तनोट गांंव में केन्द्र सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के पायलट प्रोजेक्ट के तहत 1000 बांस के पौधे लगाए गए। यदि मुहिम सफल रही तो यह मरुस्थलीकरण को रोकने में एक कारगर कदम साबित होगा। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में खादी और ग्रामोद्योग आयोग के अध्यक्ष विनय कुमार सक्सेना और विशिष्ट अतिथि के रूप में सीमा सुरक्षा बल (पश्चिमी कमान) चंडीगढ़ के विशेष महानिदेशक सुरेन्द्र पंवार मौजूद थे। इससे पूर्व मंगलवार को खादी और ग्रामोद्योग आयोग भारत सरकार एवं सीमा सुरक्षा बल की संयुक्त पहल के फलस्वरूप देशव्यापी 'आजादी का अमृत महोत्सवÓ के उपलक्ष्य में विश्व प्रसिद्व चमत्कारिक तनोट माता मन्दिर परिसर के निकट स्थित एवं सीमावर्ती गांव तनोट, जैसलमेर में 'खादी बांस महोत्सवÓ मनाया गया। इस मौके पर सीमा सुरक्षा बल राजस्थान फ्रंटियर के महानिरीक्षक पंकज गूमर के साथ सीमा सुरक्षा बल के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे । खादी ग्रामोद्योग आयोग, भारत सरकार एवं सीमा सुरक्षा बल की इस संयुक्त पहल पर तनोट ग्रामवासियों एवं जनप्रतिनिधियों ने आभार जताया। इससे पूर्व विशेष महानिदेशक, सीमा सुरक्षा बल (पश्चिमी कमान) चंडीगढ़ के सोमवार को सीमा सुरक्षा बल, राजस्थान फ्रंटियर पहुंचने पर सीसुब राजस्थान फ्रंटियर के महानिरीक्षक पंकज गूमर की अगुवाई में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वागत किया। विशेष महानिदेशक ने सेक्टर मुख्यालय, जैसलमेर (दक्षिण) की अग्रिम सीमा चौकियों का दौरा किया एवं प्रहरी सम्मेलन को सम्बोधित किया गया। उन्होंने सीमा प्रहरियों की हौसला अफजाई करते हुए सीमा पर मुस्तैद रहने के लिए बताया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जवान को अधिक से अधिक पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान देना चाहिए।
पीएम ने किया था अमृत महोत्सव का आगाज
गौरतलब है कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नमक सत्याग्रह के 91 वर्ष पूर्ण होने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने साबरमती आश्रम में एक पदयात्रा को हरी झंडी दिखाकर 'अमृत महोत्सवÓ का आगाज किया गया था। आगामी 15 अगस्त 2022 को देश की आजादी के 75 साल पूर्ण हो रहे है।

बांस से मरुस्थल रुकेगा तो रोजगार भी मिलेगा: सक्सेना
खादी और ग्रामोद्योग आयोग के अध्यक्ष विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि 1 हजार पौधे तनोट क्षेत्र में रोपे गए हैं, आगामी दिनों में यही विकसित होकर तनोट क्षेत्र को दर्शनीय स्थल के रुप में अनुभूति कराएंगे। उन्होंने कहा कि गत 14 जून को यूनाइटेड नेशन की हाई पावर कमेटी को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि 2030 तक 2 करोड़ 50 लाख हेक्टेयर जमीन को हरा भरा कर देंगे, जो शुष्क क्षेत्र है। खादी कमीशन इसी दिशा में आगे बढ़ा, ताकि पर्यावरण बचाया जा सके। आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर वन महोत्सव मनाया जा रहा है। इसी क्रम में बांस के पेड़ उन स्थानों पर लगाए जा रहे हैं, जहां कहा जाता था कि ये कभी हरे भरे नहीं हो सकते। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस कवायद से मरुस्थल तो रुकेगा ही स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिल सकेगा।

Published on:
28 Jul 2021 10:08 am
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