लाठी क्षेत्र के एक व्यक्ति ने अपनी बेटी को परेशान किए जाने से आहत होकर आत्महत्या कर ली। इस संबंध में उसकी ओर से पुलिस में रिपोर्ट भी दी गई थी।
लाठी क्षेत्र के एक व्यक्ति ने अपनी बेटी को परेशान किए जाने से आहत होकर आत्महत्या कर ली। इस संबंध में उसकी ओर से पुलिस में रिपोर्ट भी दी गई थी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है। जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने शुक्रवार रात पुलिस में रिपोर्ट देकर बताया था कि उसकी नाबालिग पुत्री को एक लड़का छेड़छाड़ कर परेशान कर रहा है। जिस पर पुलिस ने रिपोर्ट लेकर शनिवार को सुबह जांच व कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया। इससे पूर्व ही शनिवार को तड़के 3 बजे व्यक्ति ने अपने घर के एक कमरे में फांसी लगा ली। सूचना पर लाठी थानाधिकारी नाथूसिंह चारण, सहायक उपनिरीक्षक किशनसिंह भाटी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव अपने कब्जे में लिया और एफएसएल को सूचना दी। एफएसएल की जांच के बाद शव का पोकरण अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। मृतक के भाई ने इस संबंध में लिखित रिपोर्ट देकर बताया कि उसका भाई लंबे समय से मानसिक तनाव में था। शनिवार को तड़के उसने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली, जिस पर पुलिस ने मर्ग दर्ज कर जांच शुरू की है। मामले की जांच थानाधिकारी नाथूसिंह चारण कर रहे है।
फलसूंड कस्बेे में ग्राम पंचायत भवन में विशेष ग्राम सभा का आयोजन हुआ, जिसमें राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। बैठक में विद्यार्थियों ने गांव और विद्यालय के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पंचायत के समक्ष रखे, जिससे सभा का स्वरूप प्रभावी और परिणामोन्मुख बना। सभा का उद्देश्य ग्राम विकास के साथ-साथ विद्यार्थियों की अपेक्षाओं और जरूरतों पर केंद्रित संवाद स्थापित करना रहा। व्याख्याताओं और शिक्षकों के मार्गदर्शन में विद्यार्थी पंचायत भवन पहुंचे और अपने विचार स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने विद्यालय के खेल मैदान की चारदीवारी, इंटरलॉकिंग सुविधा और पर्याप्त खेल सामग्री उपलब्ध कराने की मांग प्रमुखता से उठाई। इसके साथ ही शिक्षकों के रिक्त पदों को शीघ्र भरने की आवश्यकता भी रेखांकित की, ताकि शिक्षण व्यवस्था में सुधार हो सके। ग्राम सभा में पंचायत क्षेत्र के समग्र विकास पर भी विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में प्रशासक रतन सिंह जोधा, सहायक ग्राम सेवक जगदीश जीनगर, व्याख्याता हरिराम सुथार, पटवारी राजकुमार, एएनएम, आशा सहयोगिनी, नरेगा मेट और राजविका प्रतिनिधि सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे।