जैसलमेर

बेहतर जानकारी व सही तरीके से होगा बेहतर उत्पादन

-कृषि विज्ञान केन्द्र की खजूर की खेती को लेकर किसानों को सलाह
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Jun 28, 2021
बेहतर जानकारी व सही तरीके से होगा बेहतर उत्पादन
बेहतर जानकारी व सही तरीके से होगा बेहतर उत्पादन


जैसलमर. कृषि विज्ञान केन्द्र ने किसानों को खजूर की खेती करने वाले किसानों को अधिक उत्पादन के लिए आदर्श परिस्थितियों की पर्याप्त जानकारी रखने की सलाह दी है। वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. चतुर्वेदी ने किसानों के साथ जानकारी साझा करते हुए कहा वर्तमान समय में जैसलमेर, बाड़मेर व बीकानेर क्षेत्र के किसान खजूर की खेती को व्यवसाय तौर पर कर रहे है और अच्छा मुनाफा कमा रहे है। बावजूद इसके कई किसान खजूर की खेती के बारे में पूरी जानकारी नहीं मिल पाने के कारण खजूर की खेती सही तरीके से नही कर पाते। उन्होंने बताया कि खजूर की खेती मुख्य रूप से अरब देशों, इजरायल और अफ्रीका में की जाती है। इरान खजूर का मुख्य उत्पादक और निर्यातक है। उन्होंने बताया कि गत दशकों में भारतीय प्रशासन ने काफी प्रयास किए हैं, जिसके तहत खजूर के खेती क्षेत्र में बढ़ोतरी हुई है। देश में राजस्थान, गुजरात, तामिलनाडू और केरला खजूर के मुख्य उत्पादक राज्य हैं। केंद्र के कृषि मौसम अन्वेषक नरसीराम भील ने कहा की खजूर की खेती करते समय खजूर के पौधों को अधिक तापपान की जरूरत होती है। इसकी खेती भी प्रकार की मिट्टी में की जा सकती है, लेकिन अच्छी पैदावार और अच्छी उपज के लिए अच्छे निकास वाली, गहरी रेतली दोमट मिट्टी, जिसकी पीएच 7.8 हो, उचित रहती है। जिस मिट्टी की 2 मीटर नीचे तक सतह सख्त हो, उन मिट्टी में उगाने से परहज करें।

Published on:
28 Jun 2021 12:36 pm