जैसलमेर

बम से उड़ाने की धमकी, पासपोर्ट ऑफिस और मुख्य डाकघर को करवाया खाली

प्रदेश भर में मंगलवार को पासपोर्ट कार्यालयों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद जैसलमेर के मुख्य डाकघर में स्थित पासपोर्ट कार्यालय सहित पूरे डाकघर को बंद करवाया गया। सभी स्टाफ सदस्यों को ऐसे में बाहर निकालने की कार्रवाई की गई।

2 min read
Mar 10, 2026

प्रदेश भर में मंगलवार को पासपोर्ट कार्यालयों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद जैसलमेर के मुख्य डाकघर में स्थित पासपोर्ट कार्यालय सहित पूरे डाकघर को बंद करवाया गया। सभी स्टाफ सदस्यों को ऐसे में बाहर निकालने की कार्रवाई की गई। दोपहर बाद सेना की क्यूआरटी टीम मौके पर पहुंची और सेना के बम निरोधक दस्ते ने पूरे साजो-सामान के साथ पासपोर्ट कार्यालय सहित मुख्य डाकघर भवन की चप्पे-चप्पे में जांच की गई। इसमें बम या अन्य कुछ भी संदिग्ध सामान बरामद नहीं किया गया और इस तरह से दिनभर चले पेनिक का समापन राहत के साथ हो गया। गौरतलब है कि राजस्थान में मंगलवार को पासपोर्ट कार्यालयों को बम से उड़ाने की धमकी मेल के जरिए दी गई। जयपुर कार्यालय में आई इस धमकी में सभी पासपोर्ट ऑफिस को खाली करने की बात कही गई थी। जयपुर रीजनल ऑफिस की मेल पर आइएसआइ के नाम से भेजे गए ईमेल में लिखा था कि, दोपहर 1 बजे बम ब्लास्ट होंगे।

सतर्क हुई सारी एजेंसियां

प्रदेश भर में पासपोर्ट कार्यालयों को उड़ाए जाने की सूचना पर जैसलमेर में भी पुलिस और खुफिया व अन्य सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गईं। संबंधित दोनों कार्यालयों को खाली करवा दिया गया। कार्यालयों में चले सर्च ऑपरेशन के दौरान किसी भी व्यक्ति को अंदर प्रवेश नहीं दिया गया। शहर कोतवाल सुरजाराम जाखड़ ने बताया कि इस सर्च ऑपरेशन के दौरान कार्यालयों में किसी तरह की कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इससे पहले बम की सूचना के बाद पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। सुरक्षा के मद्देनजर बम निरोधक दस्तों, डिविल डिफेंस को बुलाया गया है। गौरतलब है कि शहर के मुख्य डाकघर परिसर में ही पासपोर्ट सेवा केंद्र का संचालन होता है और यह भवन पुलिस कोतवाली से बमुश्किल 60 मीटर की दूरी पर स्थित है। जानकारी के अनुसार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ के नाम से आए मेल में दोपहर 1 बजे पांच गैस बम ब्लास्ट की धमकी दी गई।

मुख्य द्वार पर लगाया ताला

सूचना के बाद डाकघर के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर पुलिस ने सुरक्षा घेरा बनाया। वहां इतनी संख्या में पुलिस व अन्य एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ डाकघर के बाहर कार्मिकों को खड़ा देख कर स्थानीय बाशिंदों ने शुरुआत में समझा कि यह किसी मॉकड्रिल का हिस्सा है। बाद में जब उन्हें असलियत की जानकारी लगी। एजेंसियों ने मेटल डिटेक्टर की मदद से पूरे परिसर के चप्पे-चप्पे की जांच की। सीमावर्ती जिला होने के कारण सेना की खुफिया एजेंसियां भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

Published on:
10 Mar 2026 08:20 pm
Also Read
View All

अगली खबर