
सेना की इंटेलीजेंस विंग की कार्रवाई
जैसलमेर. जिले की पोकरण फिल्ड फायरिंग रेंज में स्क्रेप ठेकेदार के कैम्प पर सेना की इंटेलीजेंस विंग ने दबिष देकर उसके पास से सैकड़ों की तादाद में तोप के गोलों के खोल और अन्य सामान बरामद किया है। शुरुआत में इस मामले में यह जानकारी सामने आ रही थी कि स्क्रेप ठेकेदार के पास से सेना की इंटेलीजेंस विंग ने जिंदा गोले बरामद किए हैं, लेकिन शाम तक विंग को ठेकेदार के पास जिंदा गोला नहीं मिला था। हालांकि इस संबंध में कार्रवाई लगातार जारी है।स्क्रेप ठेकेदार को अनाधिकृत रूप से ज्यादा गोले दिए जाने की शिकायत पर इंटेलीजेंस टीम की ओर से कार्रवाई की गई।
टी-92 तोप के गोले
जानकारी के अनुसार सेना की जोधपुर स्थित 19 एफएडी यूनिट को टी-92 तोप के गोले निष्क्रिय करने के बाद स्क्रेप ठेकेदार को देने थे, लेकिन उन्हें बिना जलाए ही ठेकेदार को सौंप दिए जाने की शिकायत इंटेलीजेंस विंग को मिली। बताया जाता है कि ठेकेदार के कैम्प में इन गोलों को जलाने की तैयारी की जा रही थी। टीम ने खेतोलाई के समीप समूचे क्षेत्र को सील कर दिया है। इस संबंध में लाठी पुलिस ठेकेदार से पूछताछ कर रही है। इस संबंध में यह तथ्य अब तक निकलकर सामने आया है कि संबंधित ठेकेदार को सभी औपचारिक कार्रवाई किए बिना और तयशुदा संख्या से ज्यादा संख्या में गोले दे दिए गए। सेना के सूत्रों की मानें तो यह सुरक्षा में बड़ी चूक है और इससे बड़ा हादसा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इस मामले में संबंधित सैन्य अधिकारियों की भूमिका को संदिग्ध माना जा रहा है।
जीवित बम नहीं मिला
सेना के सूत्रों ने बताया कि स्क्रेप डीलरों के पास फील्ड फायरिंग रेंज में विभिन्न प्रकार के गोला बारूद के खोल पाए गए हैं। इनमें से कोई भी जीवित गोला बारूद नहीं है। गोले, राउंड अनफ्यूज किए गए हैं। सूत्रों ने बताया कि इस मामले में स्थानीय अधिकारियों की ओर से जांच चल रही है। सूत्रों के अनुसार कि उचित सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सेना की ओर से ऐसी जांच नियमित रूप से की जाती है।