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हालात कैसे भी हो…बढ़ती ही रहेगी सेना, स्ट्राइक सैपर्स ने इंजीनियरिंग क्षमता का किया प्रदर्शन

जैसलमेर में थार मरुस्थल की विषम परिस्थितियों के बीच भारतीय सेना की दक्षिणी कमान के 'स्ट्राइक सैपर्स' ने अपने अद्भुत इंजीनियरिंग कौशल का प्रदर्शन किया। युद्ध के दौरान रेत के ऊंचे टीलों, नदियों या नालों की रुकावटों को दरकिनार कर मिनटों में पुल बनाने और मनचाहे स्थान पर हेलीपैड तैयार करने का सफल प्रदर्शन किया गया। सेना की इंजीनियरिंग विंग ने यह साबित कर दिया कि विकट से विकट हालात में भी भारतीय सेना के बढ़ते कदम कभी नहीं थम सकते।
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जैसलमेर

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Deepak Vyas

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Updated: 5 Nov 2026, 9:25 PM IST

jaisalmer

थार मरुस्थलीय क्षेत्र में बने पुलिए से निकलते टेंक। 

जैसलमेर. धरातल पर कैसे भी हालात हो...चाहे वह नदी हो या नाला...भारतीय सेना के जवानों के बढ़ते कदम कतई नहीं थमेंगे। भारतीय सेना की दक्षिणी कमान के स्ट्राइक सैपर्स ने थार मरुस्थलीय भूभाग में अपने इंजीनियरिंग कौशल का प्रदर्शन किया। इस दौरान बताया गया कि अगर युद्ध मैदान में रेत के ऊंचे टीले आ जाए या नदी, उस पर से आगे बढऩे के लिए मिनटों में पुल तैयार कर दिया जाएगा। ऐसे ही सेना के हेलिकॉप्टर्स को उतरने के लिए मनचाहे स्थान पर हेलीपैड की व्यवस्था करने का भी प्रदर्शन हुआ। सेना की इंजीनियरिंग विंग के कुशल इंजीनियर्स ने कितने भी विकट हालात में सैनिकों के आगे बढ़ते जाने के मिशन को पूरा कर दिखाया।

भारी सैन्य साजो-सामान भी पार

रेगिस्तानी क्षेत्र में भारी टैंक, बख्तरबंद गाडिय़ों और सैन्य ट्रकों को आवाजाही करने में होने वाली दिक् कतों को दूर करने के लिए स्ट्राइक सैपर्स बुलडोजर और बड़ी मशीनों की मदद से रेत हटाकर रास्ते बना रहे हैं। साथ ही मशीनों से नए रास्ते तैयार करने और जमीन को गाडिय़ों के चलने लायक बनाने की तैयारी भी दर्शाई गई। युद्ध मैदान में नदी, नाला या पानी से भरे क्षेत्र को पार के लिए सैपर्स अस्थायी पुल बनाकर सेना को मदद पहुंचाने के कौशल का बखूबी प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान पानी पर मॉड्यूलर ब्रिज सिस्टम की मदद से पुल बनाया गया। इस पुल के अलग-अलग हिस्सों को जोडकऱ रास्ता तैयार किया जाता है, जिससे सैनिक और सैन्य वाहन आसानी से पानी के दूसरी तरफ पहुंच सकें। जहां तक युद्ध क्षेत्र में हेलीपैड या हवाई पट्टी का सवाल है, उसके लिए रेतीली और ऊबड़-खाबड़ जमीन को समतल कर जरूरत के समय सैनिकों, हथियारों और सैन्य साजो-सामान को हेलिकॉप्टर से पहुंचाने का हुनर दिखाया गया। दक्षिणी कमान के इस प्रशिक्षण में सैनिकों की तकनीकी जानकारी, टीम के साथ काम करने और कम समय में मुश्किलों का हल निकालने की क्षमता को परखा गया।

लाठी: गाय बचाने में मोटरसाइकिल फिसली, एक घायल

लाठी. क्षेत्र के सोढाकोर गांव के पास गुरुवार शाम राष्ट्रीय राजमार्ग-11 पर गाय को बचाने के प्रयास में एक मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतरकर फिसल गई। हादसे में मोटरसाइकिल सवार सनावड़ा निवासी निर्मल सिंह (47) गंभीर रूप से घायल हो गए। मोटरसाइकिल भी क्षतिग्रस्त हो गई। निर्मल सिंह सोढाकोर से लाठी की तरफ आ रहे थे, तभी अचानक गाय सामने आ गई। संतुलन खोने से यह हादसा हुआ। ग्रामीणों ने घायल निर्मलसिंह को तत्काल लाठी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें पोकरण रेफर कर दिया। लाठी थाना के सहायक उपनिरीक्षक पदमचंद गोयल पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे और क्षतिग्रस्त मोटरसाइकिल को कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू की।