जैसलमेर. दीपावली पर बाजारों में नए मोबाइल, स्मार्ट टीवी, लैपटॉप और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की चमक बढ़ रही है। आकर्षक ऑफर और नए फीचर्स उपभोक्ताओं को पुराने गैजेट बदलकर नई तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। लेकिन इस खरीदारी का एक दूसरा पहलू भी है, जो अक्सर घरों के भीतर ही छिपा रह जाता है। नए उपकरणों के आने के साथ पुराने मोबाइल, चार्जर, बैटरी, लैपटॉप और टीवी अनुपयोगी होकर जमा होने लगते हैं। यही सामान आगे चलकर इलेक्ट्रॉनिक कचरे यानी ई-वेस्ट का हिस्सा बनता है। ऐसे में त्योहार की खरीदारी के साथ पुराने इलेक्ट्रॉनिक सामान के सुरक्षित निस्तारण का सवाल भी महत्वपूर्ण हो गया है। तकनीक तेजी से बदल रही है। बेहतर कैमरा, तेज प्रोसेसर, बड़ी स्क्रीन और स्मार्ट फीचर्स के आकर्षण में उपभोक्ता पुराने उपकरणों को अपेक्षाकृत जल्दी बदल रहे हैं। कई घरों में पुराने मोबाइल और चार्जर इस्तेमाल नहीं होने के बावजूद दराजों में पड़े रहते हैं। खराब बैटरियां, टूटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अनुपयोगी कंप्यूटर भी धीरे-धीरे जमा होते जाते हैं। इनका उचित निस्तारण नहीं होने पर ई-वेस्ट का संकट बढ़ता है।