- सीमांत क्षेत्र में चलाया जा रहा मिशन दाना-पानी
जैसलमेर. मुस्तैदी से देश की सीमाओं की सुरक्षा का दायित्व निभाने वाले सीमा सुरक्षा बल का मानवीय चेहरा एक बार फिर सामने है। बल की तरफ से सीमा क्षेत्र में जहां अधिकतम तापमान 50 डिग्री का उच्च स्तर छू लेता है, वहां परिंदों के पीने के लिए पानी और चुगने के लिए दाने की व्यवस्था बाकायदा मिशन बनाकर की जा रही है। इस मिशन को नाम भी दिया गया है, मिशन दाना-पानी। गौरतलब है कि सीमा क्षेत्र में जहां दूर-दूर तक इंसान का नामोनिशान नहीं दिखता, वहां आकाश में सैकड़ों ही नहीं हजारों परिंदे उड़ते-उड़ते पहुंच जाते हैं। उनके लिए अगर भोजन-पानी की व्यवस्था नहीं हो तो वे दम तोड़ सकते हैं। ऐसे में सीमा सुरक्षा बल की पहल इन बेजुबान पक्षियों के लिए जीवनदायी कदम ही कहा जाएगा।
चौकियों पर दाना-पानी की व्यवस्था
सीमा सुरक्षा बल राजस्थान की तरफ से अपने ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो अपलोड किया गया है, जिसमें बल का जवान दर्जनों पक्षियों को सीमा चौकी पर दाना डाल रहा है। पक्षियों का झुंड बड़ी तल्लीनता से इस व्यवस्था से दाना-पानी पाता हुआ नजर आता है। जवान की एक आवाज पर परिंदे आकाश से उड़ते हुए चौकी के आंगन में उतरने लगते हैं। जवानों की तरफ से पक्षियों के लिए सीमा चौकी पर दाना पानी की व्यवस्था कर रहे हैं, जिससे इस भीषण गर्मी में उन्हें मीलों भटकने की जरूरत नहीं है। गौरतलब है कि जैसलमेर जिले के परिप्रेक्ष्य में देखें तो सीमा चौकियां निर्जन क्षेत्र में हैं तथा दूर-दूर तक इस भीषण गर्मी में पानी की व्यवस्था नहीं है। उन्हें सीसुब के जवान सुबह-शाम दाना-पानी मुहैया करवाते हैं। गौरतलब है कि सीमा सुरक्षा बल लम्बे अर्से से सीमावर्ती क्षेत्र के गांवों में सिविक एक्शन प्लान के तहत ग्रामीणों के लिए नि:शुल्क चिकित्सा शिविर आदि का आयोजन करता रहा है। साथ ही विद्यालयों में पढऩे वाले विद्यार्थियों को शैक्षणिक व खेल सामग्री भी उपलब्ध करवाई जाती है।