जैसलमेर

Jaisalmer: 100 करोड़ की सरकारी जमीन पर चला पीला पंजा, 300 पक्के कब्जे ध्वस्त

जैसलमेर नगरपरिषद ने पुलिस सुरक्षा के बीच प्रस्तावित बृजराजसिंह आवासीय योजना की आरक्षित भूमि पर वर्षों से हो रहे अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। एक दर्जन जेसीबी और 20 से अधिक ट्रैक्टरों की मदद से करीब 400 बीघा भूमि को कब्जामुक्त कर लगभग 300 पक्के अवैध निर्माण ध्वस्त किए गए। नगरपरिषद के अनुसार मुक्त कराई गई जमीन की अनुमानित कीमत करीब 100 करोड़ रुपए है।
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Jul 01, 2026
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जैसलमेर. अतिक्रमण हटाने में जुटी जेसीबी मशीनें।

जैसलमेर. जैसलमेर में तोताराम की ढाणी के पीछे वाले हिस्से में नगरपरिषद की प्रस्तावित प्रस्तावित बृजराजसिंह आवासीय योजना के लिए आरक्षित जमीन पर नगरपरिषद ने पुलिस के पहरे में अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। कई वर्षों बाद इस तरह की कब्जे हटाने की कार्रवाई देखने में आई। जिसमें नगरपरिषद ने एक दर्जन जेसीबी और 20 से अधिक ट्रेक्टर लगा कर कब्जों को साफ किया गया। बुधवार को इस कार्रवाई में 400 बीघा जमीन को कब्जों से मुक्त किया गया और करीब 300 पक्के कब्जों को धराशायी किया गया। अतिक्रमण मुक्त करवाई गई जमीन की कीमत 100 करोड़ रुपए आंकी गई है। व्यापक पैमाने पर किए गए अवैध कब्जों को हटाने के लिए बुधवार सुबह से ही नगरपरिषद और पुलिस का अमला मौके पर पहुंच गया। देखते ही देखते जेसीबी और बुलडोजरों की गडगड़़ाहट के बीच वर्षों से बने करीब 300 पक्के अवैध कब्जों सहित सैकड़ों कच्चे कब्जों को सफाया किया गया।

पुलिस के सहयोग से चलाया अभियान

अभियान शुरू होने से पहले पूरे क्षेत्र में व्यापक पुलिस जाब्ता तैनात किया गया। जिनमें महिला पुलिसकर्मी भी शामिल रही। परिषद आयुक्त लजपालसिंह सोढ़ा और राजस्व अधिकारी पवन कुमार के साथ शहर कोतवाल सुरजाराम जाखड़ सहित करीब 200 से ज्यादा कार्मिक मौके पर रहे। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस जाब्ता भी लगाया गया। अधिकारियों की मौजूदगी में बुलडोजरों ने एक-एक कर अवैध निर्माणों को हटाना शुरू किया। कई स्थानों पर लोगों ने अपना सामान पहले ही बाहर निकाल लिया था, जबकि कुछ जगहों पर कार्रवाई के दौरान अफरा-तफरी का माहौल भी देखने को मिला। नगरपरिषद के अधिकारियों के अनुसार जिस भूमि पर कार्रवाई की गई, वहां लंबे समय से अवैध कब्जे बने हुए थे। प्रस्तावित आवासीय योजना के कारण इन कब्जों को हटाना आवश्यक था। संबंधित लोगों को पूर्व में नोटिस जारी कर चेतावनी दी गई थी।

उठे विरोध के स्वर

अतिक्रमण हटाए जाने के दौरान जगह-जगह लोगों ने विरोध का भी इजहार किया। इनमें महिलाएं बेसुध होकर जमीन पर गिरती भी दिखाई दी। उन्होंने परिषद की इस कार्रवाई को गरीबों के आशियानों को उजाडऩे वाली करार दिया। कई बार महिलाओं को महिला पुलिसकर्मियों ने जेसीबी की कार्रवाई के बीच में आने से रोका। महिलाएं विलाप करते हुए यह भी कह रही थी कि नगरपरिषद ने पुलिस के बल पर उनके कब्जे हटा दिए और सामान निकालने के लिए भी कुछ समय नहीं दिया। अभियान की चपेट में आए लोगों ने कहा कि नगरपरिषद ने शुरुआत में कब्जों को क्यों नहीं रोका? अब उनका बड़ा नुकसान किया जा रहा है। वहीं कई स्थानों पर लोगों को अपने कब्जों में से सामान बाहर निकाल कर जाते हुए देखा गया। बुलडोजरों की कार्रवाई देखने के लिए आसपास के क्षेत्रों से लोग पहुंचते रहे। कई घंटों की मशक्कत के बाद अधिकांश भूमि अतिक्रमण मुक्त करवा ली गई। कब्जे हटने के बाद अब पूरे क्षेत्र का सीमांकन कर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी की जा रही है ताकि दोबारा अतिक्रमण न हो सके।

अहम कार्रवाई, अन्य कब्जे भी हटेंगे

नगरपरिषद की प्रस्तावित बृजराजसिंह आवासीय योजना के लिए यह अहम कार्रवाई की गई है। जिन खसरों से आज कब्जे हटाए गए, वहां पूर्व में स्वत: कब्जे हटाने के लिए नोटिस जारी किया गया था। आवासीय योजना विकसित होने पर लोगों को नियोजित आवासीय भूखंड उपलब्ध होंगे व शहर का विस्तार भी व्यवस्थित ढंग से हो सकेगा। अन्य जगह पर किए गए कब्जे आने वाले कुछ दिनों में साफ करवाए जाएंगे।

- लजपालसिंह सोढ़ा, आयुक्त, नगरपरिषद जैसलमेर

Published on:
01 Jul 2026 08:02 pm