Jaisalmer Bus Fire: जैसलमेर। राजस्थान के जैसलमेर में हुए बस अग्निकांड में 20 लोग जिंदा जल गए। शवों की शिनाख्त के लिए डीएनए जांच कराई जा रही है। अभी तक एक मृतक की शिनाख्त जैसमलेर निवासी हुसैन के रूप में हुई है। 19 शव और एक हड्डियों की पोटली को जोधपुर लाया गया है। डीएनए रिपोर्ट से ही मृतकों की असली पहचान सामने आएगी। वहीं, बुरी तरह झुलसे करीब 15 लोगों का जोधपुर के अस्पताल में उपचार जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों ने आंखों देखा हाल बयां करते हुए बताया कि जहां बस में आग लगी, वहां पर कपड़े-चमड़ी जली हुई थी और जगह-जगह खून बिखरा हुआ था।
जीतेंद्र स्वामी नाम के शख्स ने बताया कि वह थईयात से जैसलमेर की तरफ कार से आ रहा था, तभी उसने सड़क पर धुआं उठता हुआ देखा। पास आया तो बस में आग लगी दिखी। जीतेंद्र ने बताया कि जब वह बस के करीब पहुंचा तो वहां की जो हालत थी, उसे बयां करना कठिन है। '15-20 लोग- कोई पेड़ के नीचे, कोई जमीन पर तो कोई सड़क पर… सभी इधर-उधर बदहवास हालत में तड़प रहे थे।'
जीतेंद्र स्वामी ने बताया कि महिलाओं के कपड़े और चमड़ी जल गई थी। कई लोगों के शरीर से खून बह रहा था। तभी एंबुलेंस मौके पर पहुंची। हम लोगों ने अन्य लोगों से कपड़े मांग-मांग कर लोगों के शरीर में लपेटा और एंबुलेंस में लादकर रवाना किया। इस दौरान पुलिस भी नहीं पहुंची थी। जीतेंद्र ने बताया कि हालत इतनी भयावह थी कि कहना मुश्किल है। अब पुलिस वाले आकर इधर-उधर कर रहे हैं।
वहीं अल्ला बख्शी नाम के शख्स ने बताया कि जिस बस में आग लगी उसमें मेरे गांव के और मेरे रिलेटिव लोग थे। उनको जैसे पता चला वे खेत से सीधा दुर्घटना स्थल पर पहुंचे। अल्ला बख्शी ने बताया कि बस के अंदर जली हुए लोग हैं, कुछ बच्चे हैं, महिलाएं हैं, कितने लोग हैं उनको ठीक से नहीं पता। लेकिन लोगों ने बताया कि 15-20 लाशें बस के अंदर हैं।
अल्ला बख्शी ने बताया कि 'बस को आर्मी के एरिया में गेट के अंदर कर दिया गया है। आर्मी वाले बस में देखने नहीं दे रहे। पुलिस प्रशासन के लोग भी अंदर नहीं जाने दे रहे। बोल रहे अस्पताल ले गए हैं। अब बताओ मैं कहां जाऊं।'
फायर ऑफिसर विष्णु सिंह राठौर ने बताया कि 3.35 बजे उनके पास कंट्रोल रूम से फोन आया कि जैसलमेर से जोधपुर जा रही बस में आग लगी है, जिसके हमारी गाड़ी ठीक 10 मिनट के अंदर स्पॉट पर पहुंचती है। लेकिन जब मेरी गाड़ी पहुंचती है, उसके पहले ही बस पूरी तरह से जलकर राख हो गई थी। फायर ऑफिसर ने बताया कि वे आग लगने के समय नहीं थे, लेकिन जो लोग उनको बता रहे हैं उसके मुताबिक 12-15 लोग बस के अंदर हैं। वहीं 15-16 लोगों को जैसलमेर भेजा गया।