
राघवा (जैसलमेर). जिले के सरहदी गांव राघवा की गत 50 वर्षों में तस्वीर बदली है। यहां शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल, विद्युत आदि सभी आम सुविधाएं उपलब्ध है। हालांकि विकास के बावजूद भी कुछ समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। गांव के समीप इंदिरा गांधी नहर में सिंचाई के पानी की कमी के चलते खेती प्रभावित हो रही है तो बारिश के अभाव में पशुधन के लिए चारे की समस्या भी है। हालांकि पांच दशक पहले केवल 40 घरों की आबादी वाले गांव की तस्वीर अब अलग ही है। गांव में उच्च माध्यमिक स्तर तक सरकारी व प्राथमिक स्तर तक निजी विद्यालय है। विद्युत हर समय उपलब्ध रहती है। संचार क्रांति के इस युग में भी राघवा गांव में नेटवर्क की समस्या लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। पंचायत मुख्यालय पर ई-मित्र की सुविधा है, लेकिन आए दिन नेतवर्क की समस्या बनी रहती है। इस वजह से ग्रामीणों को चक्कर लगाने पड़ते हैं।
नलकूप की हो व्यवस्था
गांव में एक ही जलाशय है, जबकि घरों में नलकूप की व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे ग्रामीणों को राहत मिल सके। गांव में बिजली की व्यवस्था लगभग पर्याप्त रहती है।
-पदमसिंह, ग्रामीण
चारे-पानी की माकूल व्यवस्था नहीं
बारिश के अभाव में ग्रामीण क्षेत्र में पशुओं के लिए चारे पानी की माकूल व्यवस्था नहीं है। पशुपालकों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। गांवों में पशु शिविरों को खुलाने की व्यवस्था होनी चाहिए।
- रुघनाथसिंह, ग्रामीण
नेटवर्क की समस्या से परेशानी
यहां इ-मित्र पर हर दिन ग्रामीण जरुरी कार्य के लिए आते है, लेकिन नेटवर्क की समस्या की वजह से उनका काम समय पर नही हो पाता है।
-बाबूसिंह सोलंकी, ई-मित्र संचालक
वीवीपेट के स्क्रीन कार्य की की गई जांच
जैसलमेर. विधानसभा आम चुनाव - 2018 के लिए हाल ही में वीवीपेट का स्क्रीन जांच का कार्य बेहतर ढंग से पूर्ण जिम्मेदारी के साथ गंभीरतापूर्वक सुचारु रुप से किया गया। ईवीएम नोडल अधिकारी डॉ. बीएल मीना ने बताया कि वीवीपेट स्क्रीन जांच कार्य के दौरान अब तक कुल 315 वीवीपेट का स्क्रीन जांच कार्य हुआ, जिनमें से 300 वीवीपेट सही स्थिति में पायी गई। बताया कि यह वीवीपेट जांच कार्य 25 अक्टूबर से निरंतर चल रहा है। गौरतलब है कि वीवीपेट चुनाव संबंधी जांच कार्य में अनुदेशक मनमोहन चौहान, हरि ओम प्रकाश दवे तथा बेल कम्पनी के इंजीनियर विनय कुमार तथा सांख्यिकी संगणक घनश्याम व असरफ अली की ओर से वीवीपेट स्क्रीन के कार्य को पूर्ण जिम्मेदारी के साथ बारीकी से किया जा रहा है।