
सरहदी क्षेत्र में भीषण गर्मी और लू के बीच पोकरण के राजकीय जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं। अस्पताल में ठंडी हवा के लिए पंखे और कूलर पर्याप्त हैं, लेकिन पेयजल की कमी मरीजों और उनके परिजनों के लिए बड़ी समस्या बन गई है। विधानसभा क्षेत्र के सबसे बड़े इस अस्पताल में प्रतिदिन 800 से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा प्रसूताओं, नवजात शिशुओं और अन्य भर्ती मरीजों की संख्या 100 से अधिक रहती है। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से गंभीर बीमारियों, सड़क दुर्घटनाओं और मौसमी बीमारियों के मरीजों को भी यहीं भर्ती किया जाता है। इतनी बड़ी संख्या के बावजूद अस्पताल में पीने के पानी की समुचित व्यवस्था नहीं है। अस्पताल में गर्मी से राहत के लिए प्रत्येक बेड पर पंखे चल रहे हैं और वार्डों में बड़े कूलर लगाए गए हैं। कूलिंग सिस्टम भी सक्रिय है, जिससे मरीजों को तपिश से राहत मिल रही है। इसके विपरीत, प्यास बुझाने के लिए केवल दो छोटे वाटर कूलर उपलब्ध हैं, जो बढ़ती भीड़ के सामने अपर्याप्त साबित हो रहे हैं।
अस्पताल परिसर में पर्याप्त पेयजल नहीं होने के कारण मरीजों के परिजनों को बाहर से पानी लाना पड़ रहा है। मुख्य द्वार और मेडिकल मार्केट रोड पर दो प्याऊ जरूर हैं, लेकिन वहां तक आना-जाना बीमार और वृद्ध लोगों के लिए कठिन है। दूर-दराज के गांवों से आए गरीब परिवारों को बाजार से पानी की बोतलें और कैंपर खरीदने पड़ रहे हैं, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। जलदाय विभाग की आपूर्ति नियमित नहीं रहने से समस्या और गहरा रही है। स्थिति संभालने के लिए टैंकरों से पानी मंगवाकर टांकों में भरा जा रहा है, जिसमें भामाशाहों का सहयोग लिया जा रहा है।
प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में दो वाटर कूलर और आसपास दो प्याऊ संचालित हैं, जिससे व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। इसके बावजूद भीषण गर्मी में बढ़ती जरूरतों के सामने यह इंतजाम अपर्याप्त नजर आ रहे हैं।
पोकरण क्षेत्र के लोगों ने रेलमंत्री को एक ज्ञापन प्रेषित कर रुणीचा एक्सप्रेस को पोकरण से संचालित करने की मांग की है। स्थानीय निवासी विरेन्द्र मेवाड़ा सहित लोगों ने रेल मंत्री को एक ज्ञापन प्रेषित कर बताया कि जैसलमेर से दिल्ली तक रुणीचा एक्सप्रेस का संचालन होता है। यह रेल गोमट होते हुए रामदेवरा से सीधी निकल जाती है। कोरोनाकाल से पूर्व इस रेल का संचालन पोकरण से होता था, लेकिन पुन: इसे शुरू करने के बाद पोकरण स्टेशन को छोड़ दिया गया है। ऐसे में यह रेल गोमट होकर सीधी संचालित होती है और पोकरण स्टेशन पर ठहराव नहीं हो रहा है, जिसके कारण क्षेत्र के यात्रियों को गोमट अथवा रामदेवरा जाकर यात्रा करनी पड़ रही है। ऐसे में उन्हें परेशानी हो रही है। उन्होंने इस रेल का पोकरण स्टेशन पर ठहराव करने की मांग की है, ताकि क्षेत्र के लोगों को इस रेल सेवा का लाभ मिल सके।
Published on:
02 May 2026 08:28 pm
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